हज 1447 के दौरान मक्का में एक मलेशियाई हाजी को गंभीर हार्ट अटैक आया था। सही समय पर मक्का मेडिकल की टीम ने उन्हें संभाला और उनकी जान बचा ली। इस घटना ने सऊदी अरब की स्वास्थ्य सेवाओं और वहां की मेडिकल इमरजेंसी सिस्टम की मजबूती को सबके सामने रखा है।
मलेशियाई हाजी को कैसे मिली नई ज़िंदगी
20 मई 2026 को खबर आई कि एक मलेशियाई हाजी को अचानक गंभीर दिल का दौरा पड़ा था। मक्का मेडिकल की टीम ने तुरंत कार्रवाई की और मरीज की जान बचाई। यह इलाज किंग अब्दुल्ला मेडिकल सिटी में हुआ, जो मक्का हेल्थ क्लस्टर का हिस्सा है और दिल से जुड़ी गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए जाना जाता है।
हाजियों के लिए सऊदी अरब में आधुनिक इलाज की सुविधाएं
किंग अब्दुल्ला मेडिकल सिटी के हार्ट सेंटर ने अब तक कई देशों के हाजियों की जान बचाई है। हाल ही में मलेशिया, फिलीपींस, तुर्की, पाकिस्तान, इंडोनेशिया और बांग्लादेश के नौ हाजियों का सफल इलाज किया गया। इन मरीजों के लिए कई तरह के एडवांस ऑपरेशन किए गए, जिनमें शामिल थे:
- रोबोटिक हार्ट सर्जरी
- ओपन हार्ट सर्जरी
- कार्डिएक कैथेटराइजेशन (नसों की सफाई)
डॉक्टरों ने उन मरीजों का इलाज भी किया जिनकी दिल की नसें पूरी तरह बंद हो चुकी थीं या जिनका दिल बहुत कमजोर हो गया था।
इलाज के बाद मरीजों की निगरानी कैसे हो रही है
मरीजों को अस्पताल से छुट्टी देने के बाद भी उनकी सेहत का ख्याल रखा जा रहा है। इसके लिए स्मार्टवॉच का इस्तेमाल किया गया है। यह स्मार्टवॉच वर्चुअल केयर सर्विस से जुड़ी हुई है, जिससे डॉक्टर दूर बैठे ही मरीज के दिल की धड़कन और शरीर के जरूरी संकेतों पर नजर रख सकते हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
मक्का मेडिकल ने किन देशों के हाजियों का इलाज किया
मक्का मेडिकल के तहत किंग अब्दुल्ला मेडिकल सिटी ने मलेशिया, फिलीपींस, तुर्की, पाकिस्तान, इंडोनेशिया और बांग्लादेश के हाजियों का सफल इलाज किया।
दिल के मरीजों के लिए कौन सी नई तकनीक का इस्तेमाल हुआ
मरीजों के लिए रोबोटिक हार्ट सर्जरी और ओपन हार्ट सर्जरी जैसे एडवांस तरीके अपनाए गए और डिस्चार्ज के बाद निगरानी के लिए स्मार्टवॉच का उपयोग किया गया।
