सऊदी अरब के मक्का में पुलिस ने एक मिस्र के रहने वाले प्रवासी को गिरफ्तार किया है. इस व्यक्ति पर सोशल मीडिया के जरिए फर्जी हज परमिट बेचने और लोगों को धोखा देने का आरोप है. पुलिस ने उसे पकड़कर कोर्ट के हवाले कर दिया है और अब यह मामला पब्लिक प्रोसिक्यूशन के पास है.

फर्जी हज परमिट का खेल और गिरफ्तारी

मक्का रीजन पुलिस ने इस आरोपी को तब पकड़ा जब उसने सोशल मीडिया पर विज्ञापन डाले थे. वह दावा कर रहा था कि वह लोगों को हज के दौरान पवित्र स्थलों में प्रवेश दिला सकता है. जांच में पाया गया कि ये परमिट पूरी तरह फर्जी थे और लोगों से पैसे ठगने के लिए बनाए गए थे. इस तरह की धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ अब कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा रही है.

हज नियमों का उल्लंघन करने पर क्या होगी सजा

सऊदी आंतरिक मंत्रालय ने हज नियमों को लेकर सख्त चेतावनी जारी की है. 18 अप्रैल से जून के बीच नियमों का पालन न करने वालों पर भारी जुर्माना लगेगा. नियमों की जानकारी नीचे टेबल में दी गई है:

उल्लंघन का प्रकार जुर्माना या सजा
बिना परमिट हज करना 20,000 रियाल तक जुर्माना
दूसरों की मदद करना (परिवहन, आश्रय) 1 लाख रियाल तक जुर्माना
अवैध घुसपैठ या ओवरस्टेयर्स डिपोर्टेशन और 10 साल का बैन
वित्तीय धोखाधड़ी (फर्जी कैंपेन) 7 साल जेल और 50 लाख रियाल जुर्माना
परिवहन वाहन कोर्ट द्वारा वाहन जब्त किया जा सकता है

परमिट लेने का सही तरीका क्या है

सरकार ने साफ किया है कि हज परमिट केवल आधिकारिक चैनलों से ही लें. घरेलू तीर्थयात्री Nusuk प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करें और अंतरराष्ट्रीय तीर्थयात्री अधिकृत संस्थाओं के जरिए वीजा लें. कुर्बानी के लिए केवल adahi.org का ही उपयोग करें. किसी भी गड़बड़ी की सूचना मक्का, रियाद, मदीना में 911 और अन्य क्षेत्रों में 999 पर कॉल करके दें.