मक्का के हीरा कल्चरल डिस्ट्रिक्ट में स्थित होली कुरान म्यूजियम में एक बहुत ही दुर्लभ कुरान की नुस्खा रखा गया है। यह कुरान सिर्फ 60 पन्नों का है और इसे देखने के लिए लोगों में काफी उत्सुकता है। सऊदी प्रेस एजेंसी (SPAENG) ने 10 मई 2026 को इसकी जानकारी साझा की। यह प्रदर्शनी इस्लामिक विरासत को करीब से देखने का एक बड़ा मौका है।

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इस 60 पन्नों के कुरान में क्या है खास बात?

यह दुर्लभ कुरान अपनी बनावट और लेखन शैली के लिए जाना जाता है। म्यूजियम के अधिकारियों ने बताया कि यह सिर्फ एक ऐतिहासिक दस्तावेज नहीं है, बल्कि इसका सांस्कृतिक महत्व बहुत ज्यादा है। इस नुस्खे की कुछ मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:

  • इसमें पुराने समय के अरबी कैलीग्राफी स्टाइल का इस्तेमाल हुआ है।
  • यह अलग-अलग दौर के लेखकों के लिखने के तरीके को बताता है।
  • आकार में छोटा होने के बावजूद, इसमें कुरान के शब्दों की सटीकता का पूरा ध्यान रखा गया है।

इस्लामिक विरासत के लिए यह क्यों जरूरी है?

यह नुस्खा इस बात का गवाह है कि शुरुआती दौर में मुसलमान कुरान को सहेजने और उसकी नकल करने के लिए कितने समर्पित थे। इससे यह पता चलता है कि सदियों पहले कुरान का दस्तावेजीकरण कैसे किया गया था। यह प्रदर्शनी लोगों को इस्लाम के इतिहास और समृद्ध विरासत से रूबरू कराती है और यह बताती है कि पुराने समय में लेखन कला कितनी उन्नत थी।

Frequently Asked Questions (FAQs)

यह दुर्लभ कुरान कहां रखा गया है?

यह दुर्लभ कुरान सऊदी अरब के मक्का शहर में स्थित हीरा कल्चरल डिस्ट्रिक्ट के होली कुरान म्यूजियम में रखा गया है।

इस प्रदर्शनी की जानकारी कब दी गई?

इस दुर्लभ कुरान की प्रदर्शनी की आधिकारिक घोषणा सऊदी प्रेस एजेंसी (SPAENG) ने 10 मई 2026 को की थी।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.