Makkah Route Initiative: सऊदी अरब ने हज यात्रियों के लिए आसान की राह, अब 10 देशों के लोग ले सकेंगे फायदा
सऊदी अरब ने साल 2026 के लिए मक्का रूट पहल की शुरुआत कर दी है, ताकि हज यात्रियों का सफर आसान हो सके। ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर सालेह अल-जस्सेर ने जेद्दा एयरपोर्ट के खास टर्मिनल पर जाकर बांग्लादेश से आए यात्रियों का स्वागत किया। इस पहल का मकसद कागजी कार्रवाई को कम करना और यात्रियों को बिना किसी परेशानी के उनके होटल तक पहुँचाना है।
मक्का रूट पहल से यात्रियों को क्या फायदा होगा?
इस सुविधा के जरिए हज यात्री अपने ही देश में पासपोर्ट कंट्रोल, बायोमेट्रिक डेटा और इलेक्ट्रॉनिक वीजा जैसी सारी प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। स्वास्थ्य जांच भी उनके देश के एयरपोर्ट पर ही हो जाती है। सबसे बड़ी राहत यह है कि यात्रियों का सामान कोड करके सीधे उनके होटल भेज दिया जाता है, जिससे उन्हें एयरपोर्ट पर सामान के लिए इंतजार नहीं करना पड़ता।
कितने देश शामिल हैं और क्या हैं जरूरी तारीखें?
इस साल इस पहल का दायरा बढ़ाया गया है और अब कुल 10 देश इसका फायदा उठा रहे हैं, जिनमें से सेनेगल और ब्रुनेई दारुस्सलाम को पहली बार जोड़ा गया है। मक्का में प्रवेश के प्रतिबंध 11 अप्रैल 2026 से लागू हो गए थे। वहीं, इस पहल के तहत पहले यात्रियों के जत्थे 18 अप्रैल 2026 को मदीना और जेद्दा पहुँचे।
मक्का यात्रा के लिए क्या नियम लागू हैं?
हज सीजन के दौरान बिना परमिट के मक्का में प्रवेश करना एक गंभीर उल्लंघन माना गया है। ऐसा करने वालों पर जुर्माना लग सकता है, उनकी गाड़ी जब्त हो सकती है या उन्हें देश से बाहर निकाला जा सकता है। इस दौरान नुसुक प्लेटफॉर्म के जरिए उमराह परमिट बंद रहते हैं। बिजनेस के काम से जाने वालों को मुकीम पोर्टल के जरिए मौसमी परमिट लेना होगा।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| कुल लाभार्थी देश | 10 |
| नए जुड़े देश | सेनेगल और ब्रुनेई दारुस्सलाम |
| अन्य देश | मोरक्को, इंडोनेशिया, मलेशिया, पाकिस्तान, बांग्लादेश, तुर्की, आइवरी कोस्ट और मालदीव |
| प्रवेश प्रतिबंध शुरू | 11 अप्रैल 2026 |
| पहली फ्लाइट का आगमन | 18 अप्रैल 2026 |
| मुख्य उद्देश्य | प्रक्रिया को तेज करना और भीड़ कम करना |