सऊदी अरब ने बांग्लादेश से आने वाले हाजियों के लिए सफर को बहुत आसान बना दिया है। अब उन्हें सऊदी एयरपोर्ट पर लंबी लाइनों में खड़े होने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी। AI मोबाइल काउंटर और नई तकनीक की मदद से उनके सारे कागज़ात उनके अपने देश में ही पूरे कर लिए जाएंगे। इससे हाजियों का समय बचेगा और वे बिना किसी परेशानी के अपनी इबादत पर ध्यान दे सकेंगे।

मक्का रूट इनिशिएटिव क्या है और इससे हाजियों को क्या फायदा होगा?

यह प्रोग्राम सऊदी विज़न 2030 के तहत सऊदी आंतरिक मंत्रालय द्वारा चलाया जा रहा है। इस सुविधा का सबसे बड़ा फायदा यह है कि हाजी अपने देश में ही सभी ज़रूरी औपचारिकताएं पूरी कर लेते हैं। इसमें शामिल हैं:

  • बायोमेट्रिक डेटा: उंगलियों के निशान और चेहरे की पहचान की प्रक्रिया।
  • इलेक्ट्रॉनिक वीज़ा: वीज़ा जारी करने का काम पहले ही पूरा हो जाता है।
  • पासपोर्ट कंट्रोल: स्वास्थ्य जांच के बाद पासपोर्ट की जांच अपने देश में ही हो जाती है।
  • सामान की टैगिंग: बैग्स की टैगिंग भी पहले ही कर ली जाती है।

सऊदी अरब पहुँचने के बाद हाजियों को सीधे बसों के ज़रिए मक्का या मदीना के होटलों में पहुँचाया जाता है और उनका सामान अलग से डिलीवर किया जाता है।

इस प्रक्रिया में कौन सी तकनीक और विभाग शामिल हैं?

सऊदी डेटा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अथॉरिटी (SDAIA) इस पूरी प्रक्रिया में तकनीकी मदद दे रही है। उन्होंने AI आधारित मोबाइल काउंटर लगाए हैं ताकि काम तेज़ी से हो सके। परिवहन और रसद सेवा मंत्री सालेह अल-जास्सेर ने बताया कि आधुनिक तकनीक और AI का इस्तेमाल हाई क्वालिटी सर्विस देने के लिए किया गया है।

इस पहल में कई सरकारी विभाग मिलकर काम कर रहे हैं, जिनमें विदेश मंत्रालय, स्वास्थ्य मंत्रालय, हज और उमराह मंत्रालय और जनरल डायरेक्टोरेट ऑफ पासपोर्ट्स शामिल हैं। यह सेवा 17 अप्रैल 2026 को ढाका के हजरत शाहजलाल इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर शुरू हुई थी और पहली फ्लाइट 18 अप्रैल 2026 को रवाना हुई थी।

Frequently Asked Questions (FAQs)

मक्का रूट इनिशिएटिव का फायदा किन देशों को मिल रहा है?

यह सुविधा फिलहाल बांग्लादेश समेत दुनिया के 10 देशों के हाजियों के लिए 17 अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट्स पर उपलब्ध कराई गई है।

क्या हाजियों को सऊदी एयरपोर्ट पर पासपोर्ट चेकिंग करानी होगी?

नहीं, इस पहल के तहत पासपोर्ट कंट्रोल और वीज़ा की प्रक्रिया हाजी के अपने देश में ही पूरी कर ली जाती है, जिससे उन्हें सऊदी एयरपोर्ट पर इंतज़ार नहीं करना पड़ता।