सऊदी अरब की मक्का रूट इनिशिएटिव के तहत Côte d’Ivoire से मदीना के लिए पहली फ्लाइट 7 मई 2026 को रवाना हुई। यह पहल अब अपने आठवें साल में है और इसका मकसद हाजियों की यात्रा को सरल और आरामदायक बनाना है। इस सुविधा की वजह से यात्रियों को सऊदी अरब पहुँचने के बाद लंबी लाइनों में नहीं लगना पड़ेगा।

मक्का रूट इनिशिएटिव क्या है और यह कैसे काम करता है

यह एक ऐसी व्यवस्था है जिसमें हाजियों के सभी जरूरी दस्तावेज़ और प्रक्रियाएं उनके अपने ही देश के हवाई अड्डे पर पूरी कर ली जाती हैं। इसमें निम्नलिखित सुविधाएं शामिल हैं:

  • बायोमेट्रिक डेटा: यात्रियों की बायोमेट्रिक जानकारी उनके देश में ही ली जाती है।
  • वीजा प्रक्रिया: हज वीजा इलेक्ट्रॉनिक तरीके से जारी किए जाते हैं।
  • पासपोर्ट जांच: हवाई अड्डे पर ही पासपोर्ट की औपचारिकताएं पूरी कर ली जाती हैं।
  • सामान की व्यवस्था: यात्रियों के सामान को टैग किया जाता है और उनके ठहरने की जगह के हिसाब से अलग किया जाता है।

जब यात्री सऊदी अरब के मदीना एयरपोर्ट पहुँचते हैं, तो उन्हें सीधे उनके होटल या निवास स्थान पर ले जाया जाता है और उनका सामान भी वहीं पहुँचा दिया जाता है।

Côte d’Ivoire में तैयारियों का विवरण

Côte d’Ivoire के Abidjan स्थित Félix Houphouët-Boigny इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर इस व्यवस्था को लागू करने के लिए पूरी तैयारी की गई थी। 5 मई 2026 को सऊदी अरब के राजदूत Saad bin Bakhit Al-Qathami ने एयरपोर्ट पर बने मक्का रूट इनिशिएटिव हॉल का निरीक्षण किया। उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि यात्रियों की रवानगी में कोई दिक्कत न आए।

इस पूरे अभियान को सऊदी इंटीरियर मिनिस्ट्री के नेतृत्व में चलाया जा रहा है। इसमें विदेश मंत्रालय, स्वास्थ्य मंत्रालय, हज और उमराह मंत्रालय, जनरल अथॉरिटी ऑफ सिविल एविएशन, जकात, टैक्स एंड कस्टम्स अथॉरिटी, SDAIA और पिलग्रिम एक्सपीरियंस प्रोग्राम जैसे सरकारी विभाग मिलकर काम कर रहे हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

मक्का रूट इनिशिएटिव का यात्रियों को क्या फायदा है

इस पहल से हाजियों को अपने देश के एयरपोर्ट पर ही वीजा और पासपोर्ट की जांच पूरी करने की सुविधा मिलती है, जिससे सऊदी अरब पहुँचने के बाद उन्हें लंबी कतारों में खड़ा नहीं होना पड़ता और वे सीधे अपने होटल जा सकते हैं।

Côte d’Ivoire से पहली फ्लाइट कब रवाना हुई

Côte d’Ivoire से मदीना के लिए पहली फ्लाइट 7 मई 2026 को रवाना हुई, जिसकी तैयारी के लिए सऊदी राजदूत ने 5 मई को एयरपोर्ट का निरीक्षण किया था।