इंडोनेशिया से हज यात्रियों का पहला जत्था 22 अप्रैल 2026 को जकार्ता से मदीना के लिए रवाना हुआ. यह यात्रा Makkah Route Initiative के तहत हुई है, जिससे यात्रियों को सऊदी अरब पहुंचने से पहले ही सारी कागजी कार्रवाई पूरी करने की सुविधा मिली. इस पहल से हज यात्रियों का सफर अब पहले के मुकाबले काफी आरामदायक हो गया है.

Makkah Route Initiative के तहत क्या सुविधाएं मिलती हैं?

इस पहल का मुख्य मकसद हज यात्रा को सरल बनाना है. यात्रियों को अपने ही देश में ई-हज वीज़ा, बायोमेट्रिक डेटा और पासपोर्ट कंट्रोल की प्रक्रिया पूरी करनी होती है. साथ ही, स्वास्थ्य संबंधी जांच और सामान की कोडिंग भी एयरपोर्ट पर ही कर दी जाती है. जब यात्री सऊदी अरब पहुंचते हैं, तो उन्हें सीधे उनके होटल या आवास पर ले जाया जाता है और उनका सामान अलग से पहुंचा दिया जाता है.

इस पहल की शुरुआत और अब तक का सफर

Makkah Route Initiative अब अपने आठवें साल में पहुंच गया है. साल 2017 से शुरू हुई इस योजना का लाभ अब तक करीब 12.5 लाख यात्रियों को मिल चुका है. यह प्रोजेक्ट सऊदी विजन 2030 के Pilgrim Experience Program का हिस्सा है, जिसे सऊदी गृह मंत्रालय देख रहा है. इंडोनेशिया से पहले 19 अप्रैल को तुर्किये से भी पहली फ्लाइट मदीना पहुंची थी.

किन देशों के लिए खुला यह रास्ता?

2026 के हज सीजन के लिए इस सुविधा का दायरा बढ़ा दिया गया है. अब 10 देशों के 17 एंट्री पॉइंट्स से यात्री इस सुविधा का इस्तेमाल कर सकेंगे. इस बार इसमें सेनेगल और ब्रुनेई दारुस्सलाम को भी नया जोड़ा गया है. इनके अलावा इंडोनेशिया, मलेशिया, पाकिस्तान, बांग्लादेश, मोरक्को, तुर्किये और कोटे डी आइवर जैसे देश पहले से ही इस सुविधा का लाभ उठा रहे हैं.

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.