सऊदी अरब में इस साल हज 1447 हिजरी की शुरुआत हो चुकी है और इसके लिए खास तैयारियां की गई हैं। सऊदी सरकार की प्रसिद्ध ‘मक्का रूट इनिशिएटिव’ (Makkah Route Initiative) के जरिए इस बार 3,88,694 हाजियों को बड़ा फायदा मिला है। इस योजना की मदद से इन हाजियों को सऊदी अरब के एयरपोर्ट पर उतरने के बाद लंबी लाइनों में इंतजार नहीं करना पड़ा और वे सीधे अपने रहने की जगह पर पहुंच गए हैं।

आखिर क्या है मक्का रूट इनिशिएटिव और इससे कैसे बचता है समय?

मक्का रूट इनिशिएटिव सऊदी अरब के गृह मंत्रालय की एक खास योजना है, जिसे साल 2017 में शुरू किया गया था। यह सऊदी विजन 2030 के Pilgrim Experience Program का हिस्सा है। इस योजना का मुख्य काम विदेशी हाजियों के सफर को आसान बनाना है। इसके तहत हाजियों के अपने देश से रवाना होने से पहले ही सारी जरूरी प्रक्रियाएं पूरी कर ली जाती हैं।

इसमें बायोमेट्रिक डेटा लेना, इलेक्ट्रॉनिक हज वीज़ा जारी करना, स्वास्थ्य संबंधी जांच और फ्लाइट का बोर्डिंग पास देना शामिल है। इसके अलावा हाजियों के बैग पर कोडिंग की जाती है, जिससे उनका सामान सीधे उनके होटल के कमरों तक पहुंचा दिया जाता है और हाजियों को एयरपोर्ट पर सामान के लिए रुकना नहीं पड़ता।

इस साल दो नए देशों को मिला मौका, कुल 10 देश हुए शामिल

सऊदी सरकार ने साल 2026 में इस योजना का विस्तार करते हुए दो नए देशों, सेनेगल और ब्रुनेई दारुसलाम को भी इसमें जोड़ा है। अब इस योजना का लाभ उठाने वाले देशों की संख्या 10 हो गई है। इन देशों में मलेशिया, इंडोनेशिया, पाकिस्तान, मोरक्को, बांग्लादेश, तुर्की, आइवरी कोस्ट, मालदीव, सेनेगल और ब्रुनेई दारुसलाम शामिल हैं। इसके साथ ही सऊदी रक्षा मंत्रालय ने भी सुरक्षा और चिकित्सा सेवाओं के लिए अपने जवानों और डॉक्टरों की तैनाती कर दी है ताकि हज यात्रा सुरक्षित तरीके से पूरी हो सके।

Frequently Asked Questions (FAQs)

मक्का रूट इनिशिएटिव का मुख्य फायदा क्या है?

इस योजना का मुख्य फायदा यह है कि हाजियों को सऊदी अरब के एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन और सामान के लिए इंतजार नहीं करना पड़ता। उनके सारे जरूरी काम उनके अपने देश में ही पूरे हो जाते हैं और वे सीधे अपने होटल जा सकते हैं।

इस साल कितने हाजियों को इस सुविधा का लाभ मिला है?

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस साल 1447 हिजरी (2026) के हज सीजन में कुल 388,694 हाजियों को इस मक्का रूट इनिशिएटिव का सीधा फायदा मिला है।

इस योजना में कौन-कौन से देश शामिल हैं?

इस योजना में भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान और बांग्लादेश के अलावा मलेशिया, इंडोनेशिया, मोरक्को, तुर्की, आइवरी कोस्ट, मालदीव और इस साल नए जुड़े सेनेगल और ब्रुनेई दारुसलाम शामिल हैं।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.