Makkah Route Initiative: इंडोनेशिया से पहली हज फ्लाइट मदीना पहुंची, सऊदी ने बदला यात्रा का तरीका, अब घर से ही होगा सारा काम
सऊदी अरब में हज 2026 की तैयारियां तेज़ी से शुरू हो गई हैं। इंडोनेशिया से मक्का रूट पहल के तहत पहली फ्लाइट 22 अप्रैल 2026 को मदीना एयरपोर्ट पहुंच चुकी है। इस नई व्यवस्था की वजह से अब जायरीन को एयरपोर्ट पर लंबी लाइनों में खड़े होने की ज़रूरत नहीं होगी, क्योंकि उनके सारे कागजी काम अपने देश में ही पूरे कर लिए जाएंगे।
मक्का रूट पहल क्या है और इससे जायरीन को क्या फायदा होगा?
मक्का रूट पहल का मकसद हज यात्रा को आसान बनाना है। इसके तहत जायरीन के बायोमेट्रिक्स, इलेक्ट्रॉनिक वीजा और पासपोर्ट कंट्रोल जैसे ज़रूरी काम उनके अपने देश के एयरपोर्ट पर ही कर लिए जाते हैं। साथ ही, उनके सामान की छंटाई और कोडिंग भी पहले ही कर दी जाती है ताकि वह सीधे उनके होटल तक पहुंच सके। सऊदी अरब पहुंचने के बाद जायरीन को बिना किसी देरी के खास बसों के ज़रिए सीधे मक्का और मदीना के होटलों में पहुँचाया जाता है।
हज 2026 के लिए नए और सख्त नियम, गलती करने पर लगेगा भारी जुर्माना
सऊदी सरकार ने इस साल हज के नियमों को बहुत कड़ा कर दिया है। पवित्र स्थलों पर सिर्फ वही लोग जा सकेंगे जिनके पास आधिकारिक हज परमिट होगा। विजिट वीजा या उमराह परमिट वाले लोग हज नहीं कर पाएंगे। अगर कोई बिना परमिट के हज करने की कोशिश करेगा, तो उस पर 20,000 रियाल तक का जुर्माना लग सकता है। वहीं, बिना परमिट वाले लोगों की मदद करने वालों पर 1 लाख रियाल तक का जुर्माना लगेगा और उन्हें देश से निकाला जा सकता है।
इंडोनेशिया और अन्य देशों के लिए क्या खास इंतजाम किए गए हैं?
- इंडोनेशिया की तैयारी: इंडोनेशिया के लिए अब जकार्ता, सुराबाया, सोलो और मकासर जैसे चार शहरों से यह सुविधा मिलेगी।
- विस्तार: इस साल मक्का रूट पहल में सेनेगल और ब्रुनेई जैसे देश भी पहली बार शामिल हुए हैं। कुल 10 देशों के जायरीन इस सुविधा का लाभ उठाएंगे।
- फ्लाइट्स की संख्या: Saudia एयरलाइन ने हज 2026 के लिए 10 लाख से ज़्यादा सीटें उपलब्ध कराई हैं।
- समय सीमा: इंडोनेशिया से हज फ्लाइट्स 22 अप्रैल से 21 मई 2026 तक चलेंगी, जबकि मुख्य हज यात्रा 25 मई से शुरू होगी।