सऊदी अरब की टीमों ने इस्तांबुल में हाजियों की यात्रा को आसान बनाने के लिए खास इंतजाम किए हैं। मक्का रूट इनिशिएटिव के तहत अब तीर्थयात्रियों को सऊदी पहुंचने के बाद लंबी लाइनों में नहीं लगना होगा। यह सुविधा इस साल भी इस्तांबुल एयरपोर्ट पर शुरू हो चुकी है ताकि यात्रियों को कोई परेशानी न हो।

मक्का रूट पहल क्या है और इससे हाजियों को क्या फायदा होगा?

इस पहल का मकसद यह है कि हाजी अपने देश से निकलने से पहले ही सारे सरकारी काम पूरे कर लें। इस्तांबुल एयरपोर्ट पर ही हाजियों के हज वीज़ा, बायोमेट्रिक रजिस्ट्रेशन, सेहत की जांच और पासपोर्ट की प्रक्रिया पूरी कर ली गई। यहाँ तक कि सामान की टैगिंग और छंटाई का काम भी एयरपोर्ट पर ही हो गया। जब यात्री जेद्दा या मदीना एयरपोर्ट पहुंचेंगे, तो उन्हें प्रशासनिक देरी का सामना नहीं करना पड़ेगा और वे सीधे अपने रहने की जगह पर जा सकेंगे। उनका सामान भी पार्टनर संस्थाओं द्वारा उनके होटल तक पहुँचा दिया जाएगा।

इस सुविधा के लिए कौन सी संस्थाएं काम कर रही हैं और अब तक कितने लोग लाभ ले चुके हैं?

यह प्रोग्राम सऊदी विजन 2030 का हिस्सा है और इसे Saudi Ministry of Interior (गृह मंत्रालय) चला रहा है। इसमें विदेश मंत्रालय, स्वास्थ्य मंत्रालय, हज और उमराह मंत्रालय के साथ-साथ GACA और ZATCA जैसी संस्थाएं भी शामिल हैं। डिजिटल पार्टनर के तौर पर stc Group काम कर रहा है। साल 2017 से अब तक इस पहल का फायदा 1,254,994 तीर्थयात्रियों को मिल चुका है। इस्तांबुल एयरपोर्ट पर यह सेवा चौथे साल भी जारी है और पहली फ्लाइट 18 अप्रैल 2026 को रवाना हुई थी।

Frequently Asked Questions (FAQs)

मक्का रूट पहल के तहत कौन से काम एयरपोर्ट पर ही हो जाते हैं?

इसमें हज वीज़ा जारी करना, बायोमेट्रिक रजिस्ट्रेशन, हेल्थ चेकअप और पासपोर्ट की जांच जैसे सभी जरूरी काम इस्तांबुल एयरपोर्ट पर ही पूरे कर लिए जाते हैं।

क्या हाजियों को सऊदी एयरपोर्ट पर लाइन में लगना होगा?

नहीं, इस सुविधा का लाभ लेने वाले यात्री जेद्दा या मदीना एयरपोर्ट पर प्रशासनिक प्रक्रियाओं को छोड़कर सीधे अपने होटल जा सकते हैं और सामान भी वहीं पहुंच जाता है।