हज यात्रा करने वालों के लिए एक बहुत अच्छी खबर आई है। सऊदी अरब की ‘मक्का रूट’ पहल के तहत अब इस्तांबुल एयरपोर्ट पर यात्रियों का सफर काफी आसान हो गया है। इस काम में सऊदी महिलाओं की टीम अहम भूमिका निभा रही है ताकि यात्रियों को किसी तरह की परेशानी न हो और वे बिना किसी देरी के अपनी यात्रा पूरी कर सकें।

मक्का रूट पहल से यात्रियों को क्या फायदे मिले

इस पहल का मुख्य मकसद यात्रियों की मुश्किलों को कम करना है। अब यात्रियों को सऊदी अरब पहुँचने के बाद लंबी लाइनों में लगने की ज़रूरत नहीं है। इस्तांबुल एयरपोर्ट पर ही बायोमेट्रिक डेटा लेना, इलेक्ट्रॉनिक हज वीज़ा जारी करना और पासपोर्ट की जाँच जैसे सभी ज़रूरी काम पूरे कर लिए जाते हैं।

  • स्मार्ट बैगेज सिस्टम: इस सिस्टम से यात्रियों का सामान उनके व्यक्तिगत डेटा और होटल से जोड़ दिया जाता है, जिससे सामान सीधे मक्का और मदीना के होटलों तक पहुँच जाता है।
  • तेज़ प्रक्रिया: पासपोर्ट और स्वास्थ्य संबंधी जाँचें एयरपोर्ट पर ही पूरी हो जाती हैं, जिससे सऊदी अरब पहुँचते ही यात्री सीधे अपनी बसों की ओर जा सकते हैं।
  • आरामदायक सफर: तुर्की की धार्मिक संस्था Diyanet के प्रमुख अली एर्बास ने बताया कि इस सुविधा से तुर्की के यात्रियों को बहुत राहत मिली है।

इस प्रोजेक्ट में कौन से सरकारी विभाग शामिल हैं

इस पूरे प्रोजेक्ट को सऊदी विज़न 2030 के तहत चलाया जा रहा है। इसमें Saudi Data and Artificial Intelligence Authority (SDAIA) डिजिटल सिस्टम को संभाल रही है। सऊदी पासपोर्ट विभाग के महानिदेशक सुलेमान बिन अब्दुलअजीज अल-यहीया ने कहा कि यह दुनिया का अनोखा प्रोजेक्ट है जो अंतरराष्ट्रीय यात्रा को घरेलू उड़ान जैसा आसान बना देता है।

इस काम में कई बड़े विभाग मिलकर काम कर रहे हैं जैसे:

  • Ministry of Interior और Ministry of Foreign Affairs
  • Ministry of Health और Ministry of Hajj and Umrah
  • General Authority of Civil Aviation (GACA) और Saudi Post (SPL)
  • डिजिटल पार्टनर के तौर पर stc Group

सऊदी महिलाओं की भूमिका और अब तक का प्रभाव

ताज़ा जानकारी के अनुसार, इस्तांबुल एयरपोर्ट पर तैनात विशेष सऊदी टीमों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है। ये महिला कर्मचारी यात्रियों के कागज़ात और डिजिटल प्रक्रियाओं को संभालने में मदद कर रही हैं, जिससे पूरी प्रक्रिया और तेज़ हो गई है।

इस पहल की शुरुआत साल 2017 में हुई थी। अब तक लगभग 12 लाख 54 हज़ार से ज़्यादा हज यात्रियों ने इस सुविधा का लाभ उठाया है। डिजिटल सिस्टम के आने से अब यात्रियों को एयरपोर्ट पर कम समय बिताना पड़ता है और उनका अनुभव बेहतर हुआ है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

मक्का रूट पहल क्या है और यह कैसे काम करती है

यह एक ऐसी व्यवस्था है जिससे यात्री अपने देश के एयरपोर्ट पर ही पासपोर्ट, वीज़ा और बायोमेट्रिक जैसे सारे काम पूरे कर लेते हैं। इससे सऊदी अरब पहुँचने के बाद उन्हें फिर से लंबी लाइनों में नहीं लगना पड़ता।

स्मार्ट बैगेज सिस्टम का क्या फायदा है

इस सिस्टम के जरिए यात्री का सामान सीधे उनके मक्का या मदीना के होटल तक पहुँचा दिया जाता है, जिससे उन्हें एयरपोर्ट पर सामान के लिए इंतज़ार नहीं करना पड़ता।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.