सऊदी अरब की मक्का रूट पहल के तहत लाहौर से हज के लिए पहली फ्लाइट रवाना हो गई है। इस बार पाकिस्तान के लिए यह सुविधा और बढ़ गई है क्योंकि अब कराची और इस्लामाबाद के साथ लाहौर को भी इसमें शामिल किया गया है। इस साल करीब 95 हजार से ज्यादा पाकिस्तानी जायरीन इस सुविधा का फायदा उठाएंगे।

हज के लिए उम्र की नई सीमा और जरूरी नियम

सऊदी सरकार ने इस साल हज के लिए कम से कम 15 साल की उम्र तय की है। यह नियम 3 मई 2026 से लागू हो गया है। जो जायरीन 15 साल से छोटे हैं, उन्हें फ्लाइट में चढ़ने नहीं दिया जाएगा और उनका वीजा रद्द माना जाएगा। पाकिस्तान के धार्मिक मामलों के मंत्रालय और एयरपोर्ट अथॉरिटी ने भी इस निर्देश की पुष्टि की है और प्रभावित जायरीनों को पूरा रिफंड देने का भरोसा दिया है।

मक्का में एंट्री और वीजा से जुड़ी शर्तें

हज की रस्मों के लिए सिर्फ आधिकारिक हज वीजा और एक्टिवेटेड नुसुक (Nusuk) कार्ड होना अनिवार्य है। किसी भी अन्य प्रकार के वीजा पर हज करना सख्त मना है। इसके अलावा कुछ और जरूरी बातें नीचे दी गई हैं:

  • बिना आधिकारिक परमिट के मक्का में प्रवेश 13 अप्रैल 2026 से प्रतिबंधित कर दिया गया है।
  • 18 अप्रैल 2026 से केवल हज वीजा धारकों को ही मक्का में रहने की अनुमति है।
  • उमराह वीजा धारकों के लिए सऊदी अरब छोड़ने की आखिरी तारीख 18 अप्रैल 2026 थी।
  • उमराह परमिट जारी करने का काम 31 मई 2026 तक के लिए रोक दिया गया है।

मक्का रूट पहल और सऊदी विजन 2030

सऊदी अरब का गृह मंत्रालय लगातार आठवें साल इस मक्का रूट पहल को जारी रख रहा है। यह प्रोजेक्ट सऊदी विजन 2030 के तहत जायरीनों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए शुरू किया गया है। इस पहल में सऊदी के कई मंत्रालय और डिजिटल पार्टनर STC ग्रुप मिलकर काम कर रहे हैं ताकि यात्रियों को एयरपोर्ट से लेकर मक्का तक की प्रक्रिया आसान हो सके।

Frequently Asked Questions (FAQs)

1447 AH सीजन के लिए हज की न्यूनतम उम्र क्या है

सऊदी अरब ने इस बार हज जायरीनों के लिए न्यूनतम उम्र 15 साल तय की है। यह नियम 3 मई 2026 से लागू है और इससे कम उम्र के लोगों को हज की अनुमति नहीं मिलेगी।

मक्का रूट पहल के तहत कौन से शहर शामिल हैं

पाकिस्तान में इस पहल के तहत अब कराची और इस्लामाबाद के साथ लाहौर को भी शामिल किया गया है, जिससे वहां के जायरीनों का सफर आसान होगा।