सऊदी अरब की मक्का रूट पहल (Makkah Route Initiative) ने मोरक्को से हज पर जाने वाली महिला यात्रियों के सफर को बेहद आसान बना दिया है। अब यात्रियों को सऊदी अरब पहुंचने के बाद लंबी लाइनों में खड़े होने की ज़रूरत नहीं है। इस खास सुविधा की वजह से मोरक्को की महिलाएं अब बिना किसी तनाव के अपनी पवित्र यात्रा पूरी कर पा रही हैं।

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मक्का रूट पहल क्या है और यह कैसे काम करती है?

यह पहल सऊदी विजन 2030 का हिस्सा है, जिसे यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए शुरू किया गया था। इसके तहत हज यात्री अपने ही देश के एयरपोर्ट पर सऊदी अरब में एंट्री की सभी प्रक्रियाएं पूरी कर लेते हैं। इसमें ई-वीजा जारी करना, बायोमेट्रिक डेटा लेना, पासपोर्ट की जांच और स्वास्थ्य संबंधी कागजात को वेरिफाई करना शामिल है।

  • सामान की व्यवस्था: यात्रियों के सामान को कोड किया जाता है और उनके होटल के हिसाब से अलग किया जाता है।
  • एयरपोर्ट एंट्री: जब यात्री सऊदी अरब पहुंचते हैं, तो उन्हें इमिग्रेशन काउंटर पर समय बर्बाद नहीं करना पड़ता।
  • सीधी यात्रा: हवाई अड्डे पर उतरते ही यात्रियों को सीधे बसों के जरिए मक्का या मदीना के होटलों में ले जाया जाता है।

मोरक्को में इस सुविधा का क्या असर रहा और कौन सी तकनीक इस्तेमाल हुई?

मोरक्को के रबात-साले एयरपोर्ट पर 4 मई 2026 को इस कार्यक्रम की शुरुआत हुई। यहाँ तक कि 100 साल से ज़्यादा उम्र की एक महिला यात्री भी इस सुविधा की मदद से आसानी से रवाना हुईं। एक 82 वर्षीय महिला ने बताया कि वह मात्र 6 घंटे में मक्का पहुंच गईं। इस पूरी प्रक्रिया में चेहरे की पहचान (facial recognition) और फिंगरप्रिंट सिस्टम जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया गया है।

सऊदी इंटीरियर मिनिस्ट्री और पासपोर्ट विभाग की महिला अधिकारियों ने मोरक्को में इस काम को संभालने में अहम भूमिका निभाई है। डिजिटल पार्टनर के तौर पर stc ग्रुप ने इसमें तकनीकी सहयोग दिया है। इस कार्यक्रम के दौरान यात्रियों के चेहरे पर खुशी देखी गई और रबात-साले एयरपोर्ट पर महिलाओं को मेहंदी लगाकर विदा किया गया।

Frequently Asked Questions (FAQs)

मक्का रूट पहल कब शुरू हुई थी?

यह पहल 2017 में बनाई गई थी और 2019 में इसे आधिकारिक तौर पर चालू किया गया। यह सऊदी विजन 2030 के तहत यात्रियों की सेवा के लिए शुरू किया गया एक प्रोजेक्ट है।

इस सुविधा से हज यात्रियों को क्या फायदा मिलता है?

यात्रियों को सऊदी अरब पहुंचने पर इमिग्रेशन लाइनों में नहीं लगना पड़ता। उनका सारा काम जैसे वीजा और बायोमेट्रिक उनके देश के एयरपोर्ट पर ही हो जाता है, जिससे वे कुछ ही मिनटों में एयरपोर्ट से बाहर निकल पाते हैं।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com