हज यात्रियों के लिए सऊदी अरब ने यात्रा को बहुत आसान बना दिया है. मोरक्को से आने वाले पहले हज यात्री मदीना के प्रिंस मोहम्मद बिन अब्दुलअजीज इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंच चुके हैं. ‘मक्का रूट इनिशिएटिव’ की वजह से अब यात्रियों को एयरपोर्ट पर लंबी कतारों में नहीं खड़ा होना पड़ेगा और उनका सफर आरामदायक होगा.

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मक्का रूट इनिशिएटिव क्या है और इससे यात्रियों को क्या फायदा होगा

यह पहल सऊदी इंटीरियर मिनिस्ट्री द्वारा शुरू की गई है, जो सऊदी विजन 2030 के ‘पिलग्रिम एक्सपीरियंस प्रोग्राम’ का हिस्सा है. इसका मुख्य मकसद यात्रियों को उनके अपने देश से ही सारी कागजी कार्रवाई पूरी करने की सुविधा देना है. इस सिस्टम के तहत ये सुविधाएं मिल रही हैं:

  • हज वीज़ा और बायोमेट्रिक डेटा की प्रक्रिया इलेक्ट्रॉनिक तरीके से घर के देश में ही पूरी हो जाती है.
  • पासपोर्ट की जांच और स्वास्थ्य संबंधी कागजात की कार्रवाई प्रस्थान एयरपोर्ट पर ही खत्म कर ली जाती है.
  • सामान को पहले ही कोड कर दिया जाता है ताकि वह सीधे यात्रियों के होटल या ठहरने की जगह पर पहुंच जाए.
  • एयरपोर्ट पर उतरते ही यात्रियों को खास बसों के जरिए मक्का और मदीना के होटलों में ले जाया जाता है.

मोरक्को से हज यात्रियों का सफर और सरकारी इंतजाम

मोरक्को के रबात-साले इंटरनेशनल एयरपोर्ट से मदीना के लिए उड़ानें शुरू हुईं. इस पहल का दूसरा गेटवे मोरक्को में सऊदी राजदूत डॉ. सामी अल-सालेह और मोरक्को के बंदोबस्ती मंत्री अहमद तौफिक की मौजूदगी में शुरू किया गया. मोरक्को के स्वास्थ्य मंत्रालय ने यात्रियों की सेहत का ध्यान रखने के लिए डॉक्टरों और नर्सों की एक टीम भेजी है और साथ ही जरूरी दवाइयां और हेल्थ किट भी उपलब्ध कराए हैं.

किन देशों के लिए उपलब्ध है यह सुविधा और अब तक का रिकॉर्ड

मक्का रूट इनिशिएटिव 2017 में शुरू हुआ था और 2026 में यह अपने आठवें साल में है. इस साल यह सुविधा 10 देशों के 17 इंटरनेशनल पोर्ट्स पर दी जा रही है. इन देशों में मोरक्को, इंडोनेशिया, मलेशिया, पाकिस्तान, बांग्लादेश, तुर्की, आइवरी कोस्ट, सेनेगल, ब्रुनेई और मालदीव शामिल हैं. अब तक इस पहल के जरिए कुल 1,254,994 हज यात्रियों की मदद की जा चुकी है.

Frequently Asked Questions (FAQs)

मक्का रूट इनिशिएटिव के तहत पासपोर्ट की प्रक्रिया कहाँ पूरी होती है

यात्रियों की पासपोर्ट प्रक्रिया और स्वास्थ्य संबंधी जांच उनके अपने देश के प्रस्थान एयरपोर्ट पर ही पूरी कर ली जाती है, ताकि सऊदी अरब पहुंचने पर उन्हें इंतज़ार न करना पड़े.

साल 2026 में कितने देश इस सुविधा का हिस्सा हैं

साल 2026 में मोरक्को, पाकिस्तान, इंडोनेशिया और मलेशिया समेत कुल 10 देशों के यात्री 17 अलग-अलग अंतरराष्ट्रीय पोर्ट्स के जरिए इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं.

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.