सऊदी अरब ने हज यात्रियों की मुश्किलों को कम करने के लिए एक बड़ी पहल की है। सूचना मंत्री सलमान अल-दोसारी ने बताया कि ‘मक्का रूट इनिशिएटिव’ अब अपने 8वें साल में है। इस सुविधा के जरिए दुनिया के 10 देशों के यात्री अपने ही देश से सारी कागजी कार्रवाई पूरी कर सकेंगे ताकि उन्हें सऊदी पहुंचने पर घंटों इंतजार न करना पड़े।

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मक्का रूट इनिशिएटिव क्या है और इससे यात्रियों को क्या फायदा होगा?

इस पहल का मुख्य मकसद हज यात्रियों के सफर को आसान बनाना है। अब यात्री अपने ही देश में ई-हज वीजा, स्वास्थ्य जांच और सामान की टैगिंग का काम पूरा कर सकते हैं। जब ये यात्री सऊदी अरब पहुंचेंगे, तो उन्हें एयरपोर्ट पर लंबी लाइनों में नहीं लगना होगा। आधुनिक तकनीक की वजह से इमिग्रेशन की प्रक्रिया अब मात्र कुछ मिनटों में, और कुछ मामलों में 40 सेकंड से भी कम समय में पूरी हो जाती है। इसके बाद यात्रियों को सीधे मक्का और मदीना में उनके होटलों तक पहुंचाया जाता है।

कितने देशों में लागू है यह सुविधा और इसमें क्या तकनीक इस्तेमाल हो रही है?

मंत्री सलमान अल-दोसारी के मुताबिक, यह सुविधा अब दुनिया के 10 देशों में 17 आउटलेट्स के जरिए दी जा रही है। हाल ही में 8 मई 2026 को सेनेगल के ब्लेइज़ डियाग्ने इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भी इसे शुरू किया गया है। इस पूरे सिस्टम को चलाने के लिए सऊदी इंटीरियर मिनिस्ट्री ने SDAIA और STC ग्रुप के साथ साझेदारी की है। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और खास मोबाइल डिवाइस का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे बुजुर्गों और दिव्यांग लोगों को यात्रा के दौरान काफी आसानी हो रही है।

सऊदी विजन 2030 और सरकारी विभागों की भूमिका

यह पूरी योजना सऊदी विजन 2030 का हिस्सा है। इसे सफल बनाने के लिए विदेश मंत्रालय, स्वास्थ्य मंत्रालय, हज और उमराह मंत्रालय और पासपोर्ट विभाग जैसे कई सरकारी विभाग मिलकर काम कर रहे हैं। इसका उद्देश्य हज यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाना और उन्हें बिना किसी मानसिक तनाव के इबादत करने का मौका देना है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

मक्का रूट इनिशिएटिव से समय की कितनी बचत होती है?

इस तकनीक से इमिग्रेशन का समय घटकर कुछ मिनट रह गया है और AI की मदद से यह काम 40 सेकंड के अंदर भी पूरा हो सकता है।

इस सुविधा में यात्रियों को अपने देश में क्या-क्या काम करने होते हैं?

यात्रियों को अपने देश में ही इलेक्ट्रॉनिक हज वीजा लेना, स्वास्थ्य नियमों की जांच कराना और सामान की इलेक्ट्रॉनिक टैगिंग करानी होती है।