सऊदी अरब ने तुर्की से आने वाले हाजियों के लिए सफर को बेहद आसान बना दिया है। Makkah Route Initiative के तहत अब तीर्थयात्रियों को सऊदी पहुंचने पर लंबी लाइनों में नहीं लगना होगा। उन्हें अपने ही देश में पासपोर्ट और वीज़ा की सारी प्रक्रिया पूरी करने की सुविधा मिल रही है, जिससे उनका समय बचेगा और सफर आरामदायक होगा।
मक्का रूट पहल से हाजियों को क्या फायदे मिल रहे हैं?
इस पहल के तहत तुर्की के हाजियों के लिए कई ऐसी सुविधाएं शुरू की गई हैं जिससे उन्हें एयरपोर्ट पर परेशानी न हो:
- प्रवेश प्रक्रिया: तीर्थयात्रियों के बायोमेट्रिक्स लिए जा रहे हैं और इलेक्ट्रॉनिक वीज़ा जारी किए जा रहे हैं।
- पासपोर्ट चेकिंग: सऊदी पहुंचने के बजाय अब तुर्की के एयरपोर्ट पर ही पासपोर्ट की औपचारिकताएं और स्वास्थ्य जांच पूरी कर ली जाती है।
- सामान की आसान हैंडलिंग: यात्रियों के सामान की कोडिंग और छंटाई पहले ही कर ली जाती है। इससे फायदा यह होता है कि सऊदी अरब पहुंचने पर यात्री सीधे अपनी बसों से मक्का और मदीना के होटलों के लिए रवाना हो जाते हैं और उनका सामान सीधे वहां पहुंच जाता है।
इस सुविधा की शुरुआत और अब तक के आंकड़े
Makkah Route Initiative सऊदी विजन 2030 का एक अहम हिस्सा है और अब यह अपने आठवें साल में है। साल 2017 (1438 हिजरी) में शुरू हुए इस प्रोग्राम ने अब तक कुल 12,54,994 तीर्थयात्रियों की मदद की है।
इस साल तुर्की से पहली फ्लाइट 18 अप्रैल 2026 को अंकारा Esenboğa एयरपोर्ट और 19 अप्रैल 2026 को इस्तांबुल इंटरनेशनल एयरपोर्ट से मदीना के लिए रवाना हुई। इसके बाद 25 अप्रैल 2026 को यह सेवा लगातार चौथे साल इस्तांबुल एयरपोर्ट पर फिर से शुरू हुई।
कौन से सरकारी विभाग इस काम को संभाल रहे हैं?
इस बड़े प्रोजेक्ट को सऊदी Ministry of Interior लीड कर रही है। इसमें कई अन्य सरकारी संस्थाएं मिलकर काम कर रही हैं, जिनमें शामिल हैं:
- विदेश मंत्रालय, स्वास्थ्य मंत्रालय और हज एवं उमराह मंत्रालय।
- GACA (सिविल एविएशन अथॉरिटी) और ZATCA (कस्टम्स अथॉरिटी)।
- SDAIA (डेटा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अथॉरिटी) और पासपोर्ट महानिदेशालय।
- डिजिटल पार्टनर के तौर पर Stc Group इस पूरी व्यवस्था को संभव बना रहा है।
तुर्की के राजदूत Dr. Emrullah Isler और religious body Diyanet के प्रमुख Ali Erbas ने इस व्यवस्था की तारीफ की है। उन्होंने कहा कि इससे हाजियों को बहुत सुविधा हुई है क्योंकि अब उन्हें सऊदी पहुंचने के बाद उंगलियों के निशान देने और पासपोर्ट कंट्रोल जैसी लंबी प्रक्रियाओं से नहीं गुजरना पड़ता।
Frequently Asked Questions (FAQs)
मक्का रूट पहल का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य हाजियों के लिए यात्रा को सरल बनाना है ताकि वे अपने देश में ही प्रवेश प्रक्रियाएं पूरी कर सकें और सऊदी अरब पहुंचने पर बिना किसी देरी के सीधे अपने गंतव्य तक पहुंच सकें।
तुर्की के हाजियों के लिए यह सुविधा कब से शुरू हुई?
इस साल तुर्की से पहली फ्लाइट 18 अप्रैल 2026 को अंकारा और 19 अप्रैल 2026 को इस्तांबुल एयरपोर्ट से मदीना के लिए रवाना हुई।