सऊदी अरब में साल 2026 के लिए हज यात्रियों का स्वागत शुरू हो गया है। मक्का रूट पहल (Makkah Route Initiative) के तहत तुर्की से हाजियों की पहली फ्लाइट 18 अप्रैल को मदीना पहुंची। इस खास सुविधा की वजह से अब यात्रियों को सऊदी पहुंचने के बाद लंबी लाइनों में नहीं लगना पड़ेगा।

मक्का रूट पहल क्या है और इससे क्या फायदा होता है?

यह पहल सऊदी इंटीरियर मिनिस्ट्री ने साल 2017 में शुरू की थी, जो सऊदी विजन 2030 का एक अहम हिस्सा है। इसमें हाजियों के वीजा, बायोमेट्रिक और पासपोर्ट कंट्रोल का सारा काम उनके अपने देश के एयरपोर्ट पर ही पूरा कर लिया जाता है। सबसे बड़ी राहत यह है कि यात्रियों का सामान कोड के जरिए सीधे उनके होटल भेजा जाता है, जिससे उन्हें एयरपोर्ट पर सामान का इंतज़ार नहीं करना पड़ता और वे सीधे बस से अपने निवास स्थान पर जा सकते हैं।

कितने देशों के लिए है यह सुविधा और अब तक कितने लोग लाभ उठा चुके हैं?

साल 2026 में इस सेवा का विस्तार किया गया है और अब यह 10 देशों के 17 एंट्री पॉइंट्स पर उपलब्ध है। इस बार से सेनेगल और ब्रुनेई दारुस्सलाम को भी इस लिस्ट में शामिल किया गया है। इस पूरे प्रोजेक्ट में stc group डिजिटल पार्टनर के तौर पर काम कर रहा है।

विवरण जानकारी
कुल शामिल देश 10 देश
एंट्री पॉइंट्स 17
नए शामिल देश सेनेगल और ब्रुनेई दारुस्सलाम
पुराने लाभार्थी देश तुर्की, मोरक्को, इंडोनेशिया, मलेशिया, पाकिस्तान, बांग्लादेश, कोटे डी आइवर और मालदीव
कुल लाभान्वित हाजी 1,254,994
शुरुआत का साल 2017
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.