सऊदी अरब की ‘मक्का रूट’ पहल ने हाजियों के सफर को बेहद आसान और आरामदायक बना दिया है। हाल ही में तुर्की से आए हाजियों ने इस व्यवस्था की जमकर तारीफ की है क्योंकि अब उन्हें सऊदी पहुंचने के बाद लंबी लाइनों में नहीं लगना पड़ता। इस स्कीम की वजह से यात्रियों का समय बच रहा है और वे अपनी पूरी एकाग्रता इबादत पर लगा पा रहे हैं।

मक्का रूट पहल क्या है और यह कैसे काम करती है?

मक्का रूट पहल एक ऐसी सेवा है जिसे Saudi Vision 2030 के Pilgrim Experience Program के तहत शुरू किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य विदेशी हाजियों की यात्रा को सरल बनाना है। इसकी प्रक्रिया इस प्रकार है:

  • हाजियों के बायोमेट्रिक्स और स्वास्थ्य संबंधी जांच उनके अपने देश के एयरपोर्ट पर ही कर ली जाती है।
  • हज वीजा इलेक्ट्रॉनिक तरीके से जारी किए जाते हैं और बोर्डिंग पास भी वहीं मिल जाते हैं।
  • सामान की छंटनी और कोडिंग यात्री के नाम के साथ प्रस्थान हवाई अड्डे पर ही कर दी जाती है।
  • सऊदी अरब में प्रवेश की सभी औपचारिकताएं अपने देश के एयरपोर्ट पर ही पासपोर्ट टीमों द्वारा पूरी कर ली जाती हैं।

किन देशों को मिल रहा है इसका फायदा और क्या हैं इसके लाभ?

सऊदी आंतरिक मंत्रालय द्वारा संचालित यह प्रोग्राम वर्तमान में तुर्की, मलेशिया, मोरक्को, इंडोनेशिया, पाकिस्तान, बांग्लादेश और आइवरी कोस्ट जैसे देशों के हाजियों के लिए उपलब्ध है।

इस सिस्टम का सबसे बड़ा फायदा यह है कि जब हाजी सऊदी अरब पहुंचते हैं, तो उन्हें आगमन हॉल में इंतजार नहीं करना पड़ता। उन्हें सीधे मक्का या मदीना में उनके ठहरने की जगह पर ले जाया जाता है और उनका सामान भी सीधे उनके कमरों तक पहुँचा दिया जाता है। तुर्की के धार्मिक निकाय Diyanet के प्रमुख अली एर्बास ने बताया कि इस्तांबुल एयरपोर्ट पर ही उंगलियों के निशान और पासपोर्ट नियंत्रण का काम पूरा हो जाने से यात्रियों को काफी राहत मिली है।

विभिन्न देशों में इस सुविधा का विस्तार

मक्का रूट पहल का दायरा लगातार बढ़ रहा है। मई 2026 में मोरक्को में इसका दूसरा गेटवे लॉन्च किया गया और आइवरी कोस्ट से पहली फ्लाइट भी पहुंची। पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री मोहसिन नकवी ने भी इस्लामाबाद एयरपोर्ट पर इन व्यवस्थाओं का जायजा लिया, जहाँ यात्रियों ने अपनी संतुष्टि जाहिर की। यह पूरी प्रक्रिया सऊदी विदेश मंत्रालय, स्वास्थ्य मंत्रालय और Saudi Post जैसे कई सरकारी विभागों के आपसी समन्वय से पूरी होती है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

मक्का रूट पहल का मुख्य उद्देश्य क्या है?

इसका मकसद विदेशी हाजियों के सफर को आसान बनाना है। इसमें वीजा, बायोमेट्रिक्स और पासपोर्ट की जांच उनके अपने देश के एयरपोर्ट पर ही कर ली जाती है ताकि सऊदी पहुंचने पर समय बचे और भीड़ कम हो।

इस सुविधा का लाभ किन देशों के हाजियों को मिल रहा है?

यह सुविधा फिलहाल तुर्की, मलेशिया, मोरक्को, इंडोनेशिया, पाकिस्तान, बांग्लादेश और आइवरी कोस्ट के हाजियों को मिल रही है और यह 10 देशों के 17 अंतरराष्ट्रीय प्रविष्टि बिंदुओं पर काम कर रही है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.