मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच चल रहे तनाव पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि ईरान के साथ होने वाली किसी भी बातचीत का असली मकसद युद्ध को पूरी तरह खत्म करना होना चाहिए। प्रधानमंत्री इब्राहिम का मानना है कि बातचीत सिर्फ समय बिताने या किसी सैन्य फायदे के लिए नहीं होनी चाहिए, बल्कि इसका उद्देश्य क्षेत्र में शांति लाना होना चाहिए।

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ईरान के साथ बातचीत को लेकर क्या बोले मलेशियाई पीएम?

मलेशियाई प्रधानमंत्री ने साफ किया कि अगर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान के साथ कोई चर्चा होती है, तो उसके पीछे ठोस कारण होने चाहिए। उनके मुताबिक बातचीत के मुख्य बिंदु इस प्रकार होने चाहिए:

  • किसी भी बातचीत का अंतिम लक्ष्य अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष को समाप्त करना होना चाहिए।
  • बातचीत को केवल एक अस्थाई रुकावट या रणनीतिक लाभ के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।
  • मलेशिया ने जोर दिया कि बातचीत का उद्देश्य पूरी दुनिया के सामने स्पष्ट और ईमानदार होना चाहिए।

क्षेत्रीय शांति और संप्रभुता के लिए मलेशिया का सुझाव

प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने ईरान के अपनी संप्रभुता की रक्षा करने के अधिकार का भी समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि हर देश को अपनी सुरक्षा करने का हक है, लेकिन साथ ही उन्होंने संयम बरतने की सलाह भी दी। उनका कहना है कि अगर तनाव और ज्यादा बढ़ता है, तो इसका असर पूरे क्षेत्र पर पड़ेगा। मलेशिया ने सभी देशों से अपील की है कि वे ऐसी कोई भी कार्रवाई न करें जिससे मिडिल ईस्ट में बड़ी जंग छिड़ने का खतरा पैदा हो। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस दिशा में मिलकर काम करने की उम्मीद जताई है।