मंगलुरु सिटी पुलिस ने शहर के अलग-अलग निर्माण स्थलों पर काम कर रहे 11 अवैध बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया है। पुलिस कमिश्नर सुधीर कुमार रेड्डी ने बताया कि यह कार्रवाई 9 जुलाई और 13 जुलाई 2026 को की गई। इनमें से चार लोग नाबालिग हैं, जिनकी उम्र 15 से 17 साल के बीच है।
जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल
जांच में पता चला है कि पकड़े गए लोगों ने पश्चिम बंगाल के पते वाले आधार कार्ड पर अपनी फोटो लगाकर उन्हें जाली तरीके से बनवाया था। पुलिस ने इन लोगों को हिरासत में लेने के बाद इनके खिलाफ आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस अब इन लोगों को वापस भेजने के लिए Foreigners Regional Registration Office (FRRO) को रिपोर्ट भेजेगी, ताकि Foreigners Act के तहत आगे की कार्रवाई की जा सके।
दलालों की तलाश जारी
पुलिस की जांच अब इस बात पर केंद्रित है कि इन लोगों ने भारत में घुसपैठ कैसे की और इन्हें काम दिलाने वाले स्थानीय हैंडलर या एजेंट कौन हैं। कमिश्नर ने जानकारी दी कि पश्चिम बंगाल के एक बिचौलिये के खिलाफ भी मामला दर्ज किया जा रहा है, जिसने इन प्रवासियों को काम दिलाने में मदद की थी। शहर के उरवा, मुक्का, कटीपल्ला, उल्लाल और बेंग्रे जैसे इलाकों में पुलिस की टीमें लगातार सत्यापन अभियान चला रही हैं ताकि अवैध रूप से रह रहे अन्य लोगों की पहचान की जा सके।
