मणिपुर में इन दिनों काफी तनाव है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि इंसाफ के लिए निकाली जा रही शांतिपूर्ण रैलियों की आड़ में कुछ असामाजिक तत्व घुसकर हिंसा फैला रहे हैं। एसपी के.एस. शिवकांता सिंह ने साफ किया है कि अब केवल भीड़ को हटाया नहीं जाएगा, बल्कि दंगाइयों और उनके पीछे बैठे मास्टरमाइंड्स की पहचान कर उन्हें जेल भेजा जाएगा।

रैलियों में क्या गड़बड़ी हो रही है और पुलिस का क्या कहना है?

मणिपुर पुलिस के मुताबिक, इंफाल वेस्ट के एसपी के.एस. शिवकांता सिंह ने बताया कि ‘मेइरा रैलियों’ में कुछ बाहरी और गलत लोग शामिल हो रहे हैं। ये लोग महिलाओं की भीड़ का फायदा उठाकर सुरक्षा बलों पर हमला कर रहे हैं। पुलिस ने कहा कि अब तक सुरक्षा बलों ने काफी संयम बरता है ताकि आम लोगों को नुकसान न हो, लेकिन अब अपराधियों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।

हिंसा फैलाने के लिए किन चीजों का इस्तेमाल हुआ?

पुलिस ने अपनी जांच में पाया कि प्रदर्शनकारियों ने पेट्रोल बम, पत्थर और लोहे के गोलों वाले गुलेल का इस्तेमाल किया। एसपी ने यह भी बताया कि रैली में शामिल कई लोग शराब या अन्य नशे के प्रभाव में थे। पुलिस अब उन लोगों को ढूंढ रही है जो इन हथियारों की सप्लाई कर रहे हैं और भीड़ को भड़का रहे हैं।

यह पूरा विवाद क्यों शुरू हुआ और अब तक क्या हुआ?

यह सब 7 अप्रैल 2026 को बिष्णुपुर जिले के Tronglaobi में हुए एक बम हमले के बाद शुरू हुआ, जिसमें दो छोटे भाई-बहन मारे गए थे। इसके बाद CRPF कैंप पर हमला हुआ और मुख्यमंत्री आवास के पास प्रदर्शन हुए। इस मामले की पूरी जानकारी नीचे दी गई टेबल में है।

तारीख और संस्था मुख्य घटना/जानकारी
7 अप्रैल 2026 Tronglaobi में बम हमला, दो बच्चों की मौत
17 अप्रैल 2026 मुख्यमंत्री आवास के पास प्रदर्शन और झड़प
19 अप्रैल 2026 पुलिस ने असामाजिक तत्वों के खिलाफ चेतावनी जारी की
NIA 7 अप्रैल के बम हमले की जांच कर रही है
UKNA प्रतिबंधित संगठन के 5 सदस्य गिरफ्तार हुए
Meira Paibi Lup बच्चों की मौत के विरोध में 5 दिन का शटडाउन बुलाया
Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.