Manipur Violence: मणिपुर में बम धमाके के बाद भारी बवाल, पुलिस और प्रदर्शनकारियों में झड़प, 5 दिन का बंद घोषित
मणिपुर के बिशनुपुर इलाके में हुए एक बम धमाके के बाद राज्य में तनाव बहुत बढ़ गया है। इस धमाके में दो मासूम बच्चों की जान चली गई, जिसके बाद लोगों में भारी गुस्सा है। शनिवार रात को पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़पें हुईं और अब पूरे राज्य में 5 दिनों का बंद लगाया गया है।
मणिपुर में क्या हुआ और कब शुरू हुई हिंसा
7 अप्रैल 2026 को Tronglaobi गांव में एक बम धमाका हुआ जिसमें 5 साल का लड़का और एक छोटी बच्ची मारी गई। इस घटना के विरोध में जब लोग सड़कों पर उतरे तो सुरक्षा बलों की फायरिंग में 3 प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई। 18 अप्रैल की रात को भी पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें हुईं और Ukhrul जिले में एक हमले में दो Tangkhul Naga व्यक्ति मारे गए।
सरकार ने क्या कदम उठाए और क्या नियम लागू किए
हिंसा और अफवाहों को रोकने के लिए सरकार ने Imphal West, Imphal East, Thoubal, Kakching और Bishnupur जिलों में इंटरनेट और मोबाइल डेटा बंद कर दिया। Bishnupur जिले में कर्फ्यू लगाया गया है। सरकार ने साफ कहा है कि सोशल मीडिया पर गलत खबरें फैलाने वालों पर Bharatiya Nyaya Sanhita (BNS) के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
हिंसा और प्रशासन से जुड़ी मुख्य जानकारी
| तारीख | घटना | असर |
|---|---|---|
| 7 अप्रैल 2026 | Tronglaobi में बम धमाका | 2 बच्चों की मौत |
| 7-8 अप्रैल 2026 | सुरक्षा बलों की फायरिंग | 3 प्रदर्शनकारियों की मौत |
| 18 अप्रैल 2026 | Ukhrul में हमला | 2 Tangkhul Naga व्यक्तियों की मौत |
| 19 अप्रैल 2026 | राज्यव्यापी बंद | पूरे मणिपुर में 5 दिन का बंद |
| वर्तमान स्थिति | इंटरनेट निलंबन | 5 जिलों में डेटा सेवाएं बंद |
मुख्यमंत्री Y. Khemchand Singh ने इस बम धमाके को मानवता पर हमला बताया और दोषियों को ढूंढ निकालने का वादा किया है। वहीं, Thadou Human Rights Advocacy ने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को ज्ञापन भेजकर कानून व्यवस्था सुधारने की मांग की है। राज्य में अभी भी माहौल संवेदनशील बना हुआ है।