Manipur Violence: इम्फाल की सड़कों पर उतरे लोग, हिंसा के खिलाफ जताया गुस्सा और सरकार से मांगी सुरक्षा

मणिपुर के इम्फाल में हिंसा की घटनाओं को लेकर माहौल काफी तनावपूर्ण बना हुआ है। बुधवार को Apunba Chingmeirong की तरफ से एक बड़ा विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मांग की है कि आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और पीड़ितों को जल्द से जल्द इंसाफ मिले। राज्य के कई हिस्सों में अभी भी तनाव है और लोग अपनी सुरक्षा को लेकर डरे हुए हैं।

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मणिपुर में विरोध प्रदर्शन क्यों हो रहे हैं और लोगों की मुख्य मांगें क्या हैं?

राज्य में हाल ही में हुई कई हिंसक घटनाओं ने लोगों के गुस्से को बढ़ा दिया है। 7 अप्रैल को Tronglaobi इलाके में हुए बम धमाके में दो छोटे बच्चों की मौत हो गई थी, जिससे जनता में भारी आक्रोश है। इसके बाद 18 अप्रैल को Ukhrul के Lethan में दो नागरिकों की हत्या कर दी गई। प्रदर्शनकारी मांग कर रहे हैं कि सरकार दोषियों को तुरंत गिरफ्तार करे और सशस्त्र Kuki समूहों के साथ हुए SoO समझौते को खत्म किया जाए।

सुरक्षा व्यवस्था और सरकार ने अब तक क्या कदम उठाए हैं?

सुरक्षा बलों ने Kangpokpi और Tengnoupal जिलों में सर्च ऑपरेशन चलाकर छह अवैध बंकरों को नष्ट किया और भारी मात्रा में हथियार बरामद किए। मुख्यमंत्री N. Biren Singh ने सभी समुदायों से शांति बनाए रखने की अपील की है और बातचीत का रास्ता खोलने को कहा है। सरकार ने शांति बहाली के लिए COCOMI को उच्च स्तरीय बातचीत के लिए आमंत्रित किया है। सुरक्षा के मद्देनजर Bishnupur, Imphal East और West जैसे जिलों में कर्फ्यू लगाया गया है और इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं।

बंद के कारण आम जनजीवन पर क्या असर पड़ा है?

राज्य के कई जिलों में पांच दिनों का पूर्ण बंद चलाया जा रहा है, जो बुधवार को चौथे दिन में पहुंच गया। इस वजह से बाजार, स्कूल और ट्रांसपोर्ट सेवाएं पूरी तरह ठप रही हैं, जिससे आम लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इम्फाल ईस्ट जिले में प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षा बलों को आंसू गैस के गोलों का इस्तेमाल करना पड़ा। पुलिस ने चेतावनी दी है कि प्रदर्शनों के दौरान हिंसा फैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।