US Secretary of State Marco Rubio ने खाड़ी देशों का दौरा किया है. उन्होंने साफ कहा कि ईरान को Hezbollah, Hamas और Houthis जैसे सशस्त्र समूहों की आर्थिक और सैन्य मदद बंद करनी होगी. उनका यह दौरा UAE, Kuwait और Bahrain में हुआ ताकि क्षेत्रीय सहयोगियों को अमेरिका और ईरान के बीच होने वाले समझौते के बारे में भरोसा दिलाया जा सके.

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रूबियो का यह दौरा 23 जून से 25 जून 2026 तक चला. उन्होंने सबसे पहले Abu Dhabi की यात्रा की, जिसके बाद वह Kuwait और Bahrain गए. उनका मुख्य मकसद उन देशों की चिंताओं को दूर करना था जो ईरान की हरकतों और उसके द्वारा समर्थित समूहों से परेशान हैं.

रूबियो ने कहा कि जब तक ईरान के समर्थन वाले समूह हमले करते रहेंगे, तब तक पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता नहीं आ सकती. उन्होंने जोर दिया कि ईरान के साथ कोई भी पक्का समझौता तभी होगा जब वह इन समूहों को पैसा और हथियार देना पूरी तरह बंद करेगा.

हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच एक समझौता (MOU) हुआ था, जिसकी अगुवाई Vice President JD Vance ने Switzerland में की थी. इस समझौते में क्षेत्रीय झगड़ों को खत्म करने और Strait of Hormuz को फिर से खोलने की बात कही गई है. हालांकि, खाड़ी देशों को डर था कि इस समझौते में ईरान के मिसाइल प्रोग्राम और आतंकी समूहों की फंडिंग पर कोई सख्त बात नहीं की गई है. रूबियो ने भरोसा दिलाया कि सहयोगियों की इन बातों को चर्चा में शामिल किया जाएगा.

रूबियो ने एक बड़ा बयान देते हुए कहा कि ईरान के लिए प्रस्तावित 300 अरब डॉलर का निवेश फंड तभी बनेगा, जब ईरान आतंक फैलाना बंद करेगा और एक जिम्मेदार देश की तरह काम करेगा. साथ ही, उन्होंने साफ किया कि अमेरिका यह बर्दाश्त नहीं करेगा कि ईरान Strait of Hormuz जैसे अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग पर कोई टोल या फीस लगाए.

लेबनान में युद्धविराम को लेकर रूबियो ने बताया कि इस पर बातचीत अलग से होगी. उन्होंने कहा कि लेबनान एक संप्रभु देश है, इसलिए उसके मामले को अमेरिका-ईरान बातचीत से अलग रखा जाएगा.