अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने मंगलवार को कहा कि ईरान के इशारे पर काम करने वाले ग्रुप्स की वजह से पश्चिम एशिया की शांति खतरे में है। उन्होंने साफ़ किया कि जब तक ये हमलावर हमले बंद नहीं करते, तब तक इलाके में स्थायी शांति आना मुश्किल है। Rubio फिलहाल UAE के दौरे पर हैं जहाँ वो अमेरिका के दोस्तों को भरोसा दिला रहे हैं।

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लेबनान और ईरान के बीच अलग होगी बातचीत

Rubio ने बताया कि लेबनान में युद्धविराम (ceasefire) के लिए चल रही बातचीत और ईरान के साथ हो रही बड़ी डील दो अलग-अलग मामले हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका लेबनान की सरकार से सीधे बात करेगा ताकि वहाँ की आजादी और संप्रभुता बनी रहे। हालांकि, ईरान जो लेबनान में Hezbollah की मदद करता है, उस पर ईरान के साथ होने वाली बातचीत में चर्चा होगी।

शांति समझौते और नए नियम

यह बयान ऐसे समय में आया है जब 18 जून 2026 को राष्ट्रपति Donald Trump और ईरानी राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने एक शांति समझौते (MoU) पर डिजिटल साइन किए थे। इस समझौते में लेबनान की सीमाओं का सम्मान करने की बात कही गई है। Rubio ने यह भी कहा कि ईरान को Strait of Hormuz से गुजरने वाले जहाजों से टैक्स वसूलने की इजाजत नहीं दी जाएगी क्योंकि यह अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है। फिलहाल दोनों देशों के बीच 60 दिनों की बातचीत का दौर चल रहा है।

तनाव और भविष्य की संभावनाएं

लेबनान में इसराइल की बमबारी के कारण तनाव बढ़ गया है और ईरान ने समझौते से पीछे हटने की धमकी दी है। अब वाशिंगटन, बेरूत और तेहरान मिलकर एक सेल बनाने पर विचार कर रहे हैं ताकि लेबनान में शांति बनी रहे। Rubio ने कहा कि अगर ईरान आतंक फैलाना बंद कर एक देश की तरह व्यवहार करता है, तो वह फिर से दुनिया की अर्थव्यवस्था से जुड़ सकता है।