अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने गुरुवार, 7 मई 2026 को Pope Leo XIV से मुलाकात की। इस मुलाकात का मुख्य मकसद वाशिंगटन और वेटिकन के बीच बिगड़े हुए रिश्तों को सुधारना था। दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया की स्थिति और पश्चिमी गोलार्ध में आपसी हितों के मुद्दों पर विस्तार से बातचीत की।
Rubio और Pope Leo XIV की मुलाकात में किन मुद्दों पर बात हुई?
अpostolic Palace में हुई यह बैठक करीब दो घंटे तक चली। इस दौरान कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई, जिन्हें नीचे दिया गया है:
- पश्चिम एशिया का मामला: मिडिल ईस्ट में चल रही स्थिति और वहां स्थायी शांति लाने के प्रयासों पर चर्चा हुई।
- मानवीय सहायता: क्यूबा के लिए मानवीय मदद के मुद्दे पर बात हुई, जिसे ट्रंप प्रशासन कैथोलिक चर्च के जरिए पहुंचा रहा है।
- धार्मिक स्वतंत्रता: दुनिया भर में धार्मिक आजादी को बढ़ावा देने के साझा संकल्प पर जोर दिया गया।
- पश्चिमी गोलार्ध: अमेरिका और वेटिकन के बीच आपसी हितों और वहां की स्थितियों पर विचार-विमर्श हुआ।
स्टेट डिपार्टमेंट के प्रवक्ता Tommy Pigott ने बताया कि यह मुलाकात अमेरिका और पवित्र See के बीच मजबूत संबंधों और शांति व मानवीय गरिमा के प्रति उनकी साझा प्रतिबद्धता को बताती है।
अमेरिका और वेटिकन के रिश्तों में तनाव क्यों आया था?
इस मुलाकात से पहले राष्ट्रपति Donald Trump और Pope Leo XIV के बीच कई मुद्दों पर मतभेद थे। तनाव बढ़ने की मुख्य वजहें ये रहीं:
- ईरान युद्ध: Pope Leo XIV ने ईरान युद्ध के खिलाफ अपनी राय रखी थी, जिसे ट्रंप प्रशासन ने पसंद नहीं किया।
- इमिग्रेशन नीति: पोप ने ट्रंप सरकार की प्रवासियों के खिलाफ सख्त नीतियों की खुलकर आलोचना की थी।
- परमाणु मुद्दा: राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया था कि पोप ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं का समर्थन करते हैं, हालांकि पोप ने इन दावों को गलत बताया था।
वेटिकन के विदेश मंत्री Cardinal Pietro Parolin ने बैठक से पहले कहा था कि वाशिंगटन ने ही इस मुलाकात की पहल की है और वे उनकी बात सुनने के लिए तैयार हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Pope Leo XIV कौन हैं और उनकी क्या खासियत है?
Pope Leo XIV कैथोलिक चर्च के प्रमुख और वेटिकन सिटी के शासक हैं। उन्हें 8 मई 2025 को चुना गया था और वह इतिहास के पहले अमेरिकी मूल के पोप हैं।
Marco Rubio की इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य क्या था?
इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रपति ट्रंप और पोप के बीच चले विवादों के बाद अमेरिका और वेटिकन के डिप्लोमैटिक रिश्तों को फिर से सामान्य करना था।