अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु हथियारों को लेकर तनाव एक बार फिर चर्चा में है। अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने साफ कर दिया है कि ईरान को कभी भी परमाणु हथियार बनाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। हालांकि, उन्होंने यह भी बताया कि पिछले 48 घंटों में दोनों देशों के बीच बातचीत में कुछ प्रगति हुई है और जल्द ही किसी समझौते की अच्छी खबर मिल सकती है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने भी सोशल मीडिया पर एक बड़ी घोषणा की है और कहा है कि एक समझौता लगभग तय हो चुका है जिसे अंतिम रूप दिया जाना बाकी है।

अमेरिका ने बातचीत के लिए क्या शर्तें रखी हैं?

अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने भारत के दौरे पर रहते हुए अमेरिका की कुछ मुख्य शर्तें सामने रखी हैं। इन शर्तों में निम्नलिखित बिंदु शामिल हैं:

  • परमाणु हथियार पर रोक: ईरान कभी भी परमाणु हथियार हासिल नहीं करेगा।
  • Strait of Hormuz को खोलना: इस जलमार्ग को बिना किसी टोल टैक्स के सभी के लिए खुला रखना होगा।
  • यूरेनियम स्टॉक सौंपना: ईरान को अपने अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम (Highly Enriched Uranium) का पूरा स्टॉक सौंपना होगा।

Rubio ने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका बातचीत के जरिए समाधान चाहता है, लेकिन अगर कूटनीति काम नहीं करती है तो राष्ट्रपति Trump के पास दूसरे विकल्प भी मौजूद हैं।

डील को लेकर ईरान का क्या रुख है?

इस संभावित समझौते पर ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने स्पष्ट कहा है कि अमेरिका के साथ किसी भी समझौते को अंतिम मंजूरी देने का अधिकार केवल ईरान के सर्वोच्च नेता Mojtaba Khamenei के पास है। इसके साथ ही, ईरान के सरकारी सूत्रों ने साफ किया है कि तेहरान ने अभी तक अपने अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम के भंडार को सौंपने पर सहमति नहीं दी है। ईरान का मानना है कि परमाणु कार्यक्रम का मुद्दा आगे की बातचीत में तय किया जाएगा। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने भी पहले कहा था कि यूरेनियम संवर्धन उनका अधिकार है और इस पर कोई समझौता नहीं होगा।

इस बातचीत में कौन से देश कर रहे हैं मध्यस्थता?

अमेरिका और ईरान के बीच इस समझौते को कराने में पाकिस्तान और कतर जैसे देश बड़ी भूमिका निभा रहे हैं। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif और वहां के सेना प्रमुख Asim Munir भी इस बातचीत में शामिल रहे हैं। इसके अलावा कतर भी दोनों देशों के बीच तनाव कम करने के प्रयासों में लगा हुआ है। ईरान की ओर से यह भी शर्त रखी गई है कि किसी भी समझौते से पहले अमेरिका को ईरान के फ्रीज किए गए फंड का एक हिस्सा जारी करना होगा।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या ईरान अपने यूरेनियम स्टॉक को सौंपने के लिए तैयार हो गया है?

नहीं, ईरानी सूत्रों के अनुसार तेहरान ने अभी तक अपना संवर्धित यूरेनियम स्टॉक सौंपने की शर्त स्वीकार नहीं की है और इस मुद्दे पर आगे की बातचीत में चर्चा की जाएगी।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने समझौते को लेकर क्या दावा किया है?

राष्ट्रपति ट्रंप ने बताया कि अमेरिका, ईरान और क्षेत्रीय ताकतों के बीच एक समझौता लगभग तैयार हो चुका है, जिसे केवल अंतिम रूप देना बाकी है और इसके विवरण जल्द ही जारी किए जाएंगे।