गाजा में पत्रकार Mariam Dagga की हत्या के एक साल पूरे, परिवार और मीडिया संगठनों ने मांगी न्याय की गुहार.

गाजा के Nasser Hospital पर हुए हवाई हमले को एक साल पूरा हो गया है। इस दर्दनाक हमले में एसोसिएटेड प्रेस यानी AP की पत्रकार Mariam Dagga और 21 अन्य फिलिस्तीनी लोग मारे गए थे। इस घटना की पहली बरसी पर मृत पत्रकार के पिता रियाद डग्गा अपनी बेटी के लिए लगातार न्याय की मांग कर रहे हैं और उसकी कब्र पर जाकर उसकी यादों को संभाल रहे हैं। इस हमले में रॉयटर्स के कैमरामैन हुसाम अल-मासरी और अल जजीरा के पत्रकार मोहम्मद सालामा की भी जान चली गई थी। परिवार और दुनिया भर के मीडिया संस्थान इस घटना को लेकर लगातार जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।
इजरायली अधिकारियों के बयान और नया खुलासा
घटना के तुरंत बाद इजरायली अधिकारियों ने इस पूरी कार्रवाई को एक दुखद भूल करार दिया था। उन्होंने दावा किया था कि अस्पताल की छत पर लगा कैमरा हमास से जुड़ा हुआ था और वे उसे ही निशाना बना रहे थे। इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा था कि इस हमले में मारे गए छह लोगों के संबंध हमास संगठन से थे, हालांकि इसके समर्थन में कोई ठोस सबूत पेश नहीं किया गया था। लेकिन 25 अगस्त 2026 को सेना की आंतरिक बैठकों की जानकारी रखने वाले एक अज्ञात इजरायली सैनिक ने यह राज खोला कि कैमरे का हमास से जुड़ा होने का कोई सबूत कभी नहीं मिला था और जिन छह लोगों के नाम सेना ने बताए थे, वे असल में निशाने पर थे ही नहीं।
मीडिया संस्थानों और मानवाधिकार संगठनों की मांग
एपी की कार्यकारी संपादक जूली पेस और रॉयटर्स की प्रधान संपादक एलेसेंड्रा गैलोनी ने इस बरसी पर एक संयुक्त बयान जारी किया। उन्होंने इजरायली सरकार से पूरी घटना की स्पष्ट व्याख्या और जवाबदेही तय करने की मांग की। उन्होंने साफ कहा कि नासर अस्पताल अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत एक सुरक्षित जगह है और अब तक दी गई जानकारी बिल्कुल नाकाफी है। इजरायली सेना ने अभी तक अपनी जांच पूरी होने की कोई तय तारीख नहीं बताई है और उनका कहना है कि अंत में रिपोर्ट को मिलिट्री एडवोकेट जनरल कॉर्प्स को सौंपा जाएगा ताकि यह तय हो सके कि आपराधिक जांच शुरू की जाए या नहीं।
कमेटी टू प्रोटेक्ट जर्नलिस्ट्स यानी CPJ जैसे मानवाधिकार संगठनों ने मरियम डग्गा की मौत को सीधे तौर पर हत्या करार दिया है। उन्होंने ऐसे सबूतों का हवाला दिया जिनसे पता चलता है कि पत्रकारों को एक जाने-माने मीटिंग पॉइंट पर खास तौर पर निशाना बनाया गया था। संयुक्त राष्ट्र की प्रवक्ता रवीना शामदासानी ने भी इन बातों को दोहराते हुए कहा कि पत्रकारों को निशाना बनाए जाने की घटनाओं से पूरी दुनिया को झकझोरना चाहिए और न्याय के लिए आगे आना चाहिए। इसके अलावा, ब्रिटिश मीडिया की उन रिपोर्टों के बाद जिनमें इस हमले में डबल-तप रणनीति के इस्तेमाल की बात कही गई थी, ब्रिटेन के कई सांसदों ने अपनी सरकार से इसा्रायल के साथ व्यापार निलंबित करने की मांग की है ताकि युद्ध अपराधों पर सख्त रुख अपनाया जा सके।