ओमान के तट पर 12 जुलाई 2026 को कमर्शियल जहाज GFS Galaxy पर हुए हमले में पुणे के रहने वाले मरीन इंजीनियर Heramb Karmarkar की दुखद मौत हो गई है। हमले के बाद से वह लापता थे और उनके ससुर Vivek Tandon ने बुधवार 15 जुलाई 2026 को उनके निधन की पुष्टि की है। परिवार ने भारत सरकार से आग्रह किया है कि उनके शव को सुरक्षित भारत लाया जाए।
हमले की पूरी जानकारी
साइप्रस के झंडे वाले इस जहाज पर 11 भारतीय नागरिक सवार थे, जिनमें से 10 क्रू सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया। U.S. Central Command (CENTCOM) का आरोप है कि यह हमला ईरान के Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने किया था। हमले के कारण जहाज के इंजन रूम में आग लग गई और वह पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। दूसरी तरफ, IRGC का कहना है कि उन्होंने जहाज पर चेतावनी के तौर पर गोली चलाई थी, क्योंकि जहाज ने अपने सिस्टम बंद कर दिए थे और गलत रास्ते से जा रहा था।
भारत सरकार की कड़ी प्रतिक्रिया
भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने इस घटना पर गहरी चिंता जताई है और समुद्री व्यापार मार्गों पर हो रहे हमलों की निंदा की है। सरकार ने अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर सुरक्षित आवाजाही की मांग की है और जोर दिया है कि आम नागरिकों और कमर्शियल जहाजों को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। ओमान स्थित भारतीय दूतावास लगातार वहां के अधिकारियों के साथ संपर्क में है। भारत सरकार ने इस मामले में दिल्ली में ईरान के डिप्टी चीफ ऑफ मिशन को बुलाकर अपना कड़ा विरोध भी दर्ज कराया है।
