अमेरिका की पूर्व कांग्रेस सदस्य Marjorie Taylor Greene ने इसराइल को मिलने वाली अमेरिकी आर्थिक मदद पर बड़ा हमला बोला है. उन्होंने इसराइल की कार्रवाइयों को ‘अत्याचार’ बताया और मांग की कि अमेरिका को अब इस फंडिंग को तुरंत रोकना चाहिए. यह विवाद तब सामने आया जब लेबनान के यारौन गांव में ईसाई धार्मिक स्थलों को गिराए जाने की खबरें आईं और Greene ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी.

Marjorie Taylor Greene ने अमेरिकी फंडिंग को लेकर क्या कहा?

Marjorie Taylor Greene ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि अमेरिका अब इस मामले में खामोश नहीं रह सकता. उन्होंने लेबनान के यारौन गांव में ईसाई स्थलों को तोड़े जाने की घटना का जिक्र करते हुए इसे बर्बरता करार दिया. Greene ने राष्ट्रपति Donald Trump की उस नीति की आलोचना की जिसके तहत इसराइल को भारी फंडिंग दी जा रही है. उनका कहना था कि अमेरिकी पैसों का इस्तेमाल ऐसे अत्याचारों के लिए नहीं होना चाहिए.

US Congress और इसराइल के रिश्तों पर बड़ा दावा

फंडिंग के अलावा Greene ने अमेरिकी कांग्रेस के कामकाज पर भी सवाल उठाए. 1 मई 2026 को उन्होंने एक बयान दिया जिसमें दावा किया गया कि US Congress लगभग पूरी तरह से इसराइल के प्रभाव में है. Greene के अनुसार, कांग्रेस के ज्यादातर सदस्य इसराइल की फंडिंग पर निर्भर हैं. उन्होंने कहा कि केवल 6 विधायक ऐसे हैं, जिनमें वह खुद भी शामिल हैं, जो इसराइल के पैसों से स्वतंत्र होकर काम कर रहे हैं.

Frequently Asked Questions (FAQs)

Marjorie Taylor Greene ने किस बात का विरोध किया?

उन्होंने लेबनान के यारौन गांव में ईसाई स्थलों को गिराने और इसराइल को मिलने वाली अमेरिकी आर्थिक मदद का विरोध किया है.

अमेरिकी कांग्रेस को लेकर उनका क्या दावा है?

उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी कांग्रेस के ज्यादातर सदस्य इसराइल से आर्थिक मदद लेते हैं और केवल 6 सदस्य ही पूरी तरह स्वतंत्र हैं.