सऊदी अरब के Masam प्रोजेक्ट ने यमन के अल मुकल्ला इलाके में 724 खतरनाक विस्फोटक वस्तुओं और युद्ध अवशेषों को नष्ट कर दिया है। यह बड़ी कार्रवाई आम लोगों की जान बचाने और वहां के माहौल को सुरक्षित बनाने के लिए की गई। इस कदम से अब स्थानीय निवासी और राहगीर बिना किसी डर के अपने इलाके में घूम सकेंगे।

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अल मुकल्ला में जारी है सफाई अभियान

Masam की टीमें Executive Mine Action Center (YEMAC) के साथ मिलकर अल मुकल्ला और हद्रमौत प्रांत में लगातार काम कर रही हैं। इस साल 2026 में कई बड़े ऑपरेशन चलाए गए हैं, जिनमें भारी मात्रा में बारूद और मिसाइल के अवशेष हटाए गए हैं।

  • 14 जून 2026: इमरजेंसी टीमों ने 1,354 माइन्स और युद्ध अवशेषों को नष्ट किया।
  • 14 मार्च 2026: कुल 926 बारूदी सुरंगें और विस्फोटक हटाए गए।
  • 28 फरवरी 2026: 1,681 माइन्स और बिना फटे बमों को सुरक्षित रूप से नष्ट किया गया।
  • 30 जनवरी 2026: इंजीनियरिंग टीमों ने 1,531 विस्फोटक अवशेषों को खत्म किया।
  • 22 जनवरी 2026: एक बड़े ऑपरेशन के दौरान 5,754 लैंडमाइन्स और विस्फोटक उपकरणों का निपटारा किया गया।

आम जनता पर इसका असर

इन ऑपरेशन्स का सीधा फायदा वहां के आम लोगों को मिल रहा है। विस्फोटक हटने से अब रिहायशी इलाकों, सड़कों और पब्लिक जगहों पर खतरा कम हो गया है। इससे विस्थापित लोग अपने घरों को वापस लौट सकेंगे और मानवीय मदद और दवाइयों की सप्लाई भी आसान हो जाएगी। साथ ही, खेती की ज़मीनें अब सुरक्षित हो रही हैं जिससे लोगों की कमाई के ज़रिए फिर से खुलेंगे।

यमन में Masam की अब तक की उपलब्धियां

सऊदी अरब द्वारा फंडेड Masam प्रोजेक्ट 2018 से यमन में काम कर रहा है। 29 जून 2026 तक के आंकड़ों के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट ने पूरे यमन में कुल 571,125 विस्फोटक खतरों को हटाया है और 82 मिलियन स्क्वायर मीटर से ज़्यादा ज़मीन को पूरी तरह साफ किया है। अकेले जून 2026 के महीने में 6,786 विस्फोटक आइटम हटाए गए, जिनमें एंटी-पर्सनल और एंटी-टैंक माइन्स शामिल थे।