यमन के लोगों के लिए राहत की खबर है। सऊदी अरब के मसाम प्रोजेक्ट ने एक हफ्ते के अंदर 2,000 से ज्यादा खतरनाक बारूदी सुरंगों और विस्फोटकों को हटाकर लोगों की जान बचाई है। इस काम से अब वहां के आम लोग और बच्चे अपने खेतों और रास्तों पर सुरक्षित चल सकेंगे।
ताजा जानकारी के मुताबिक, 20 जून से 26 जून 2026 के बीच मसाम की टीमों ने कुल 2,164 विस्फोटक आइटम हटाए हैं। इनमें 6 एंटी-पर्सनल माइन, 81 एंटी-टैंक माइन, 2,072 बिना फटे गोले (UXO) और 5 आईईडी (IED) शामिल थे। इस एक हफ्ते के अभियान में 337,056 स्क्वायर मीटर जमीन को सुरक्षित किया गया है।
जून 2026 के पूरे महीने का हिसाब
अगर पूरे जून महीने की बात करें, तो मसाम प्रोजेक्ट ने यमन के अलग-अलग इलाकों से भारी मात्रा में विस्फोटक हटाए हैं।
| विस्फोटक का प्रकार | कुल संख्या (जून 2026) |
|---|---|
| एंटी-पर्सनल माइन | 186 |
| एंटी-टैंक माइन | 442 |
| बिना फटे गोले (UXO) | 6,072 |
| आईईडी (IED) | 86 |
| कुल विस्फोटक | 6,786 |
जून के महीने में कुल 1,364,510 स्क्वायर मीटर जमीन को आम लोगों के इस्तेमाल के लिए सुरक्षित बनाया गया।
2018 से अब तक का काम
साल 2018 के बीच से 26 जून 2026 तक, इस प्रोजेक्ट ने अब तक कुल 571,125 विस्फोटक खतरों को ढूंढकर खत्म किया है। इसमें सबसे ज्यादा 4,03,170 बिना फटे गोले और 1,51,892 एंटी-टैंक माइन शामिल हैं। अब तक करीब 82 मिलियन स्क्वायर मीटर जमीन को सुरक्षित कर दिया गया है।
प्रोजेक्ट का विस्तार और बजट
किंग सलमान ह्यूमैनिटेरियन एड एंड रिलीफ सेंटर (KSrelief) ने इस काम को आगे बढ़ाते हुए मसाम प्रोजेक्ट की अवधि एक साल और बढ़ा दी है। इसके लिए 52.5 मिलियन डॉलर से ज्यादा का फंड दिया गया है। यमन के राष्ट्रपति नेतृत्व परिषद के चेयरमैन रशाद अल-अलीमी ने इस फैसले का स्वागत किया है।
यह प्रोजेक्ट गांवों, खेतों, स्कूलों और सड़कों को साफ करने पर जोर देता है ताकि लोग बिना डर के अपने घरों को लौट सकें और मदद का सामान आसानी से पहुंचाया जा सके।
जमीन में दबे बारूदी सुरंगों का खतरा
यमन के नेशनल माइन एक्शन कमेटी के चेयरमैन मेजर जनरल अमीन सालेह अल-अकिली ने हाल ही में अल-धाले में हुए एक धमाके की कड़ी निंदा की। इस हादसे में 5 बच्चों की मौत हो गई और 9 अन्य घायल हो गए। इसी वजह से इस प्रोजेक्ट के जरिए जल्द से जल्द जमीन को साफ करने की कोशिश की जा रही है।
इस पूरे काम में सऊदी अरब के साथ यमन एग्जीक्यूटिव माइन एक्शन सेंटर (YEMAC) और अंतरराष्ट्रीय कंपनियां Dynasafe और SafeLane Global भी मदद कर रही हैं।
