Masjid al-Nabawi Update: मस्जिद-ए-नबवी जाने से पहले अब घर बैठे चेक कर सकेंगे भीड़, सऊदी सरकार ने शुरू की नई सर्विस
सऊदी अरब ने मदीना आने वाले जायरीनों के लिए एक नई और बेहद काम की सुविधा शुरू की है. जनरल अथॉरिटी फॉर द केयर ऑफ द अफेयर्स ऑफ द टू होली मॉस्क ने मस्जिद-ए-नबवी के अल-सलाम कॉरिडोर (Bab al-Salam) में भीड़ की स्थिति जानने के लिए एक इलेक्ट्रॉनिक सर्विस लॉन्च की है. इस नई सुविधा के जरिए कोई भी व्यक्ति मस्जिद जाने से पहले यह देख सकेगा कि वहां कितनी भीड़ है. इससे लोगों को बिना परेशानी के अपनी इबादत करने में मदद मिलेगी और भारी भीड़भाड़ से बचा जा सकेगा.
कैसे काम करेगी यह नई इलेक्ट्रॉनिक सर्विस?
यह सर्विस पूरी तरह से डिजिटल और मुफ्त है जिसे सभी जायरीन आसानी से इस्तेमाल कर सकते हैं. जायरीन इसे आधिकारिक प्लेटफॉर्म जैसे Nusuk या Tawakkalna ऐप के जरिए चेक कर पाएंगे. सिस्टम में इंडिकेटर दिए गए हैं जो रंग के हिसाब से भीड़ की जानकारी देते हैं. अगर इंडिकेटर Low है, तो इसका मतलब है कि रास्ता साफ है और आप आराम से जा सकते हैं. मीडियम (Medium) होने पर थोड़ा इंतजार करना पड़ सकता है. वहीं, अगर इंडिकेटर हाई (High) दिखाता है, तो जायरीनों को अपनी जियारत का समय बदलने की सलाह दी जाती है. यह कदम स्मार्ट मॉस्क प्रोजेक्ट का एक अहम हिस्सा है.
जायरीनों और प्रवासियों को इससे क्या फायदा होगा?
गल्फ देशों में काम करने वाले प्रवासियों और भारत से उमरा के लिए जाने वाले लोगों के लिए यह सुविधा बहुत फायदेमंद साबित होने वाली है. अक्सर पीक आवर्स में अल-सलाम कॉरिडोर के पास काफी भीड़ हो जाती है, जिससे बुजुर्गों और महिलाओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है. अब लोग अपने स्मार्टफोन पर भीड़ का लेवल चेक करके ही मस्जिद-ए-नबवी का रुख करेंगे. इससे उनका समय बचेगा और सुरक्षा भी पक्की होगी. इसके अलावा क्राउड मैनेजमेंट की टीम भी इसी डिजिटल डेटा का इस्तेमाल करके जायरीनों को सही रास्तों पर डायवर्ट करेगी ताकि कहीं भी लोगों की ज्यादा भीड़ जमा न हो.




