Saudi Arabia के क्राउन प्रिंस और प्रधानमंत्री Mohammed bin Salman (MBS) और रूस के राष्ट्रपति Vladimir Putin के बीच सोमवार 2 मार्च 2026 को फोन पर एक अहम बातचीत हुई है। इस बातचीत में मिडिल ईस्ट में तेजी से बिगड़ते सुरक्षा हालात पर चर्चा की गई। दोनों नेताओं ने क्षेत्र में हो रही सैन्य गतिविधियों और हमलों पर गहरी चिंता जाहिर की है। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य खाड़ी देशों में शांति बनाए रखना और संघर्ष को बड़े युद्ध में बदलने से रोकना है।

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मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच क्या हुई बातचीत?

क्षेत्र में हालिया दिनों में सुरक्षा संकट काफी बढ़ गया है। अमेरिका और इजरायल की तरफ से ईरान पर हुए हमलों के बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की है। इस तनाव का असर सीधे तौर पर Kuwait, UAE और Qatar जैसे देशों के ऊर्जा ठिकानों पर पड़ा है। क्राउन प्रिंस MBS ने पुतिन से कहा कि रूस के ईरान और खाड़ी देशों के साथ अच्छे रिश्ते हैं इसलिए रूस इस मामले में एक सकारात्मक भूमिका निभा सकता है। पुतिन ने भी जोर दिया कि इस समस्या का समाधान केवल बातचीत और कूटनीति से ही संभव है।

खाड़ी देशों और प्रवासियों पर इसका क्या होगा असर?

इस बातचीत का सीधा असर ग्लोबल एनर्जी मार्केट और वहां रह रहे प्रवासियों पर पड़ता है। क्राउन प्रिंस और पुतिन ने कुछ जरूरी बिंदुओं पर सहमति जताई है:

  • OPEC+ के तहत कच्चे तेल के बाजार को स्थिर रखने के लिए तालमेल जारी रहेगा।
  • खाड़ी देशों की सुरक्षा और उनकी संप्रभुता की रक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी।
  • किसी भी तरह के बड़े सैन्य टकराव को रोकने के लिए रूस मध्यस्थता कर सकता है।
  • भविष्य में होने वाले किसी भी खतरे को लेकर दोनों देश लगातार संपर्क में रहेंगे।

खाड़ी देशों में बड़ी संख्या में भारतीय प्रवासी रहते हैं। ऐसे में सऊदी अरब और रूस के बीच यह बातचीत क्षेत्र की स्थिरता के लिए बहुत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव को रोकने के लिए दोनों देशों का साथ आना एक राहत भरी खबर है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.