रमजान के आखिरी दस दिनों में मक्का की ग्रैंड मस्जिद में नमाजियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है. भीड़ को सुरक्षित और सुव्यवस्थित तरीके से संभालने के लिए सऊदी अधिकारियों ने ‘#Mecca_is_all_Haram’ नाम से एक अभियान शुरू किया है. इस अभियान का मुख्य उद्देश्य लोगों को यह बताना है कि मक्का की हरम सीमा के अंदर स्थित किसी भी मस्जिद में नमाज पढ़ने का सवाब ग्रैंड मस्जिद में पढ़ने के बराबर ही है.

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अभियान और नई तकनीक का इस्तेमाल

सऊदी अधिकारियों ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए AI और IoT जैसी नई तकनीकों का इस्तेमाल शुरू कर दिया है. इन तकनीकों के जरिए भीड़ की रियल-टाइम मॉनिटरिंग की जा रही है जिससे किसी भी आपात स्थिति से बचा जा सके.

मस्जिद के एंट्री गेट पर कलर-कोडेड स्क्रीन लगाए गए हैं जो नमाजियों को कम भीड़ वाले रास्तों की तरफ जाने का निर्देश देते हैं. इससे लोगों को काफी सहूलियत मिल रही है और भीड़ एक जगह जमा नहीं हो रही है.

तीसरे सऊदी विस्तार को भी पूरी तरह से चालू कर दिया गया है जिससे 1.2 मिलियन वर्ग मीटर की अतिरिक्त जगह और 120 प्रार्थना क्षेत्र मिल गए हैं. अधिकारियों के अनुसार इन उपायों की वजह से ऐतिहासिक भीड़ होने के बावजूद लोगों की आवाजाही सामान्य तरीके से हो रही है.

नमाजियों के लिए 1650 मस्जिदों की व्यवस्था

इस्लामिक मामलों के मंत्रालय ने ग्रैंड मस्जिद के आसपास की भीड़ को कम करने के लिए मक्का में 1,650 से अधिक मस्जिदों को नमाजियों के लिए तैयार किया है.

इन मस्जिदों में आम नमाज पढ़ने के लिए किसी भी तरह के परमिट की जरूरत नहीं होती है. इसके अलावा एतिकाफ में बैठने वालों के लिए खास जगहों की व्यवस्था की गई है और उन्हें लॉजिस्टिक व मेडिकल सपोर्ट भी दिया जा रहा है.

सरकार ने इमामों के लिए भी सख्त नियम बनाए हैं जिसके तहत वे नमाज का वीडियो बनाकर अपने पर्सनल सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर नहीं कर सकते हैं. ऐसा इबादत की पवित्रता बनाए रखने के लिए किया गया है.