सऊदी अरब की मक्का रक्षा संधि से बदले क्षेत्रीय समीकरण, फ्रांस ने कहा क्षेत्रीय सुरक्षा में आया बड़ा बदलाव.

फ्रांस के राष्ट्रपति कार्यालय के एक सूत्र ने 22 अगस्त 2026 को यह जानकारी दी कि मक्का संयुक्त रक्षा समझौते से मध्य पूर्व क्षेत्र के आपसी समीकरण पूरी तरह बदल रहे हैं। यह महत्वपूर्ण समझौता 7 अगस्त 2026 को मक्का में साइन किया गया था, जिस पर सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान, तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तईप एर्दोगन और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने हस्ताक्षर किए थे। इस नई व्यवस्था के तहत अगर किसी एक देश पर भी हमला होता है, तो उसे तीनों देशों पर हमला माना जाएगा। इस समझौते को लेकर तुर्की के विदेश मंत्री हाकान फिदान ने इसे नाटो के आर्टिकल 5 जैसा मजबूत करार दिया है। इस पूरी खबर के बारे में अधिक जानकारी आप Saudi Press Agency की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर पढ़ सकते हैं।
रक्षा और तकनीक के क्षेत्र में गहराता सहयोग
यह नया समझौता आपसी सुरक्षा को मजबूत करने और रक्षा निर्माण के क्षेत्र में काम करने के लिए बनाया गया है। इसके अलावा, तीनों देश खुफिया जानकारी साझा करने और आधुनिक तकनीकों जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ड्रोन और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली में मिलकर आगे बढ़ने की योजना बना रहे हैं। इस समझौते को लेकर सऊदी अरब के लोक कूटनीति के उप मंत्री रायेद क्रिमली ने साफ किया कि यह किसी खास देश के खिलाफ नहीं है और न ही इसका मकसद कोई धार्मिक या क्षेत्रीय गुट बनाना है। सऊदी अरब के इस कदम से क्षेत्र में सुरक्षा का दायरा और अधिक मजबूत होने की उम्मीद जताई जा रही है, जिससे खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों और वहां आने-जाने वाले प्रवासियों के लिए भी सुरक्षा के हालात बेहतर होंगे।
अन्य देशों की बढ़ती दिलचस्पी और क्षेत्रीय प्रतिक्रिया
इस समझौते के बाद से क्षेत्रीय स्तर पर हालात तेजी से बदल रहे हैं और दूसरे देश भी इसमें शामिल होने पर विचार कर रहे हैं। मिस्र के अधिकारियों ने 13 अगस्त 2026 को घोषणा की कि वे इस समझौते में शामिल होने की संभावनाओं का गंभीरता से अध्ययन कर रहे हैं। इस बारे में आप कतरी समाचार एजेंसी QNA की रिपोर्ट में देख सकते हैं। इसके साथ ही, सीरिया के विदेश मंत्री असाद अल-शैबानी ने 21 अगस्त 2026 को यह पुष्टि की कि दमिश्क भी अपनी राष्ट्रीय संप्रभुता को ध्यान में रखते हुए इस समझौते में शामिल होने पर विचार कर रहा है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय की प्रेस रिलीज MOFA Pakistan पर भी इस समिट से जुड़े कई अहम दस्तावेज साझा किए गए हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस समझौते का समर्थन करते हुए इसे क्षेत्रीय आत्मनिर्भरता की ओर एक बड़ा कदम बताया है। जानकारों का मानना है कि अमेरिका की क्षेत्र में कम होती सक्रियता के बीच यह समझौता मध्य पूर्व की सुरक्षा व्यवस्था में एक बहुत बड़ा बदलाव लेकर आया है।