Mediterranean Sea: भूमध्य सागर में रूस के शैडो फ्लीट पर यूरोपीय संघ की बड़ी कार्रवाई, प्रतिबंधित टैंकर की हुई जांच

भूमध्य सागर में रूस के तथाकथित शैडो फ्लीट से जुड़े एक प्रतिबंधित तेल टैंकर पर यूरोपीय संघ यानी ईयू के नौसैनिक मिशन ने रविवार को बड़ी कार्रवाई की है। इटली के नेतृत्व वाले इस मिशन के तहत सैन्यकर्मियों ने जहाज पर चढ़कर उसकी राष्ट्रीयता और ध्वज पंजीकरण की बारीकी से जांच की। यह पूरी कार्रवाई जहाज द्वारा फर्जी ध्वज के इस्तेमाल किए जाने के पुख्ता संदेह के आधार पर की गई, जिसकी आधिकारिक पुष्टि इटली के रक्षा मंत्रालय की तरफ से की गई है।
फर्जी ध्वज के संदेह में दो घंटे तक चली जांच
इटली के रक्षा मंत्रालय से मिली जानकारी के अनुसार, इस प्रतिबंधित टैंकर का नाम 'टोआ पायोह' है। यूरोपीय संघ इस जहाज पर पहले से ही कड़े प्रतिबंध लगा चुका है। यह टैंकर कैमरून के ध्वज के तहत बेनिन से चलकर तुर्किये के इस्तांबुल शहर की ओर जा रहा था। इसे इटली के पेंटेलेरिया द्वीप के पश्चिम में भूमध्य सागर के खुले पानी में रोका गया था। जांच के शुरुआती दौर में जहाज के कप्तान ने इतालवी अधिकारियों का बिल्कुल भी सहयोग नहीं किया, जिसके बाद अधिकारियों को कड़ा कदम उठाना पड़ा।
हेलीकॉप्टर के जरिए उतारी गई सैन्यकर्मियों की टीम
कप्तान के सहयोग न करने पर इन्वाफॉर मेड आईरिनी मिशन के प्रमुख युद्धपोत थाओन दी रेवेल से एक हेलीकॉप्टर रवाना किया गया। इस हेलीकॉप्टर के माध्यम से इतालवी सैन्यकर्मियों की एक विशेष टीम को सीधे उस चलते हुए जहाज पर उतारा गया। यह पूरी साहसी जांच लगभग दो घंटे तक लगातार चली, जिसमें एक यूनानी नौसैनिक पोत और पोलैंड के समुद्री गश्ती विमान ने भी पूरा सहयोग दिया। सैन्य अभियान पूरी तरह से सुरक्षित रूप से पूरा हुआ और अब इस दौरान जितने भी कागजात व दस्तावेज मिले हैं, उनका परीक्षण इतालवी अधिकारी कर रहे हैं।
यूरोपीय संघ क्यों कर रहा है ऐसी कार्रवाई
यूरोपीय संघ का सीधा आरोप है कि रूस यूक्रेन के साथ चल रहे युद्ध के बाद से अपने तेल निर्यात पर लगे अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों से बचने के लिए इस तरह के शैडो फ्लीट का इस्तेमाल कर रहा है। रूस इन गुप्त जहाजों के जरिए दुनिया भर में तेल बेच रहा है ताकि पाबंदियों से बचा जा सके। इसी अवैध गतिविधि को रोकने के लिए यूरोपीय संघ ने ऐसे कई संदिग्ध जहाजों पर पहले ही प्रतिबंध लगा रखे हैं और लगातार निगरानी रख रहा है। इस पूरी घटना की विस्तृत जानकारी हिन्दुस्थान समाचार के माध्यम से सामने आई है, जिसमें आकाश कुमार राय ने रिपोर्टिंग की है।