Meta अब कुछ खास देशों में विज्ञापन दिखाने के लिए नया ‘लोकेशन शुल्क’ (location fees) लगाने जा रहा है. यह नियम 1 जुलाई 2026 से लागू होगा. कंपनी ने यह कदम डिजिटल सर्विस टैक्स (DST) और अन्य सरकारी खर्चों की भरपाई के लिए उठाया है जो इन क्षेत्रों में कंपनी पर लगाए गए हैं.
🚨: व्हाट्सऐप पर वायरल हुआ ‘1 नंबर भाई’ मैसेज, लोग जानने की कोशिश कर रहे हैं इसका असली मतलब।
यह शुल्क इस आधार पर तय किया जाएगा कि विज्ञापन किस देश में देखा जा रहा है और उसके इम्प्रेशन कहाँ मिल रहे हैं. इसमें इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ेगा कि विज्ञापन देने वाली कंपनी या बिज़नेस किस देश में स्थित है. यह अतिरिक्त पैसा विज्ञापन चलने के बाद कुल खर्चे में जोड़ा जाएगा.
अलग-अलग देशों के लिए शुल्क की दरें
Meta ने अलग-अलग देशों के लिए शुल्क की दरें तय की हैं, जिन्हें नीचे दी गई टेबल में देखा जा सकता है:
| देश (Jurisdiction) | लोकेशन शुल्क (Location Fee) |
|---|---|
| Austria | 5% |
| Türkiye | 5% |
| France | 3% |
| Italy | 3% |
| Spain | 3% |
| United Kingdom | 2% |
इन शुल्कों को विज्ञापन बजट से नहीं काटा जाएगा, बल्कि इन्हें बिल (invoice) में एक अलग लाइन आइटम के तौर पर दिखाया जाएगा. इसके अलावा, विज्ञापन के कुल खर्चे और लोकेशन शुल्क के ऊपर VAT भी लगाया जाएगा.
Meta ने साफ़ किया है कि सरकारी नियमों में बदलाव के साथ इन दरों और देशों की लिस्ट में भी बदलाव हो सकता है. उदाहरण के लिए, Türkiye में जनवरी 2027 से डिजिटल सर्विस टैक्स की दर कम होने वाली है, जिससे Meta वहाँ के शुल्क में बदलाव कर सकता है.
Meta से पहले Google और Amazon जैसी बड़ी कंपनियाँ भी इसी तरह के टैक्स वसूल रही हैं. Google ने नवंबर 2020 में और Amazon ने अगस्त 2024 में ऐसे सरचार्ज लागू किए थे.
विशेषज्ञों ने विज्ञापनदाताओं को सलाह दी है कि वे अपने बजट का हिसाब दोबारा करें और अपनी भौगोलिक टारगेटिंग की जाँच करें ताकि अनजाने में महंगे शुल्क वाले देशों में विज्ञापन न चलें. साथ ही, क्लाइंट रिपोर्ट और आंतरिक डैशबोर्ड में लोकेशन शुल्क के लिए अलग से जगह बनाएँ.
