Saudi Arabia News: मध्य प्रदेश जैसा रेगिस्तान अब होगा हरा-भरा, सऊदी अरब ने UN में उठाया बड़ा कदम.

Praggya Singh sabal10 August 20262 min read57 viewsSaudi
Saudi Arabia News: मध्य प्रदेश जैसा रेगिस्तान अब होगा हरा-भरा, सऊदी अरब ने UN में उठाया बड़ा कदम.

सऊदी अरब की अगुवाई वाली Middle East Green Initiative (MGI) ने मरुस्थलीकरण यानी रेगिस्तान के फैलाव को रोकने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। यह पहल संयुक्त राष्ट्र के बड़े मंच पर अपने कामों को दुनिया के सामने रखेगी ताकि पर्यावरण को बचाने के लिए क्षेत्रीय सहयोग को और ज्यादा मजबूत किया जा सके। इस मुहिम के तहत दुनिया को यह बताया जाएगा कि कैसे बंजर जमीन को उपजाऊ और हरा-भरा बनाया जा रहा है।

मंगोलिया में होने वाली बैठक में होगा बड़ा प्रदर्शन

प्राप्त जानकारी के अनुसार, MGI का सचिवालय दल मंगोलिया के उलानबोर शहर में आयोजित होने वाले 17th Conference of the Parties to the United Nations Convention to Combat Desertification (UNCCD COP17) में हिस्सा लेगा। यह सम्मेलन आगामी 17 से 28 अगस्त के बीच आयोजित किया जाएगा। इस दौरान दुनिया भर के देशों को यह दिखाया जाएगा कि किस तरह से बंजर भूमि को सुधारा जा रहा है और पर्यावरण को बेहतर बनाने के लिए क्षेत्रीय स्तर पर क्या-क्या काम किए जा रहे हैं।

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50 अरब पेड़ लगाने का है बड़ा लक्ष्य

इस सम्मेलन में MGI अपने 35 क्षेत्रीय सदस्य देशों की प्रतिबद्धता को दुनिया के सामने रखेगा। इस पूरी योजना का मुख्य उद्देश्य जलवायु परिवर्तन, जमीन के बंजर होने और मरुस्थलीकरण जैसी गंभीर समस्याओं से मिलकर निपटना है। इसके तहत सदस्य देशों में कुल मिलाकर लगभग 50 अरब पेड़ लगाने का लक्ष्य रखा गया है, जो कि करीब 200 मिलियन हेक्टेयर यानी 20 करोड़ हेक्टेयर खराब हो चुकी जमीन को फिर से हरा-भरा करने के बराबर है। इसके अलावा संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ मिलकर काम करने के नए समझौते भी किए जाएंगे।

इंजीनियर इब्राहिम अल-तुर्कि ने कही बड़ी बात

MGI के महासचिव Eng. Ibrahim Al-Turki ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यह सम्मेलन सदस्य देशों के लिए अपनी उस प्रतिबद्धता को दोहराने का एक बेहतरीन मौका है, जिसके तहत वे क्षेत्र से बंजरपन को खत्म करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि पर्यावरण को बचाना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है, जिससे ग्लोबल क्लाइमेट एक्शन को बढ़ावा मिलेगा और आने वाली पीढ़ियों का भविष्य सुरक्षित हो सकेगा। उनका यह भी कहना था कि सही समय पर सही फैसले और विज्ञान आधारित कदमों से बड़ी से बड़ी मुश्किल को भी आसान अवसरों में बदला जा सकता है।

निजी क्षेत्र और वित्तीय संस्थानों से होगी साझेदारी

इस वैश्विक मंच के जरिए MGI केवल सरकारों तक ही सीमित नहीं रहेगा बल्कि क्षेत्रीय और गैर-क्षेत्रीय देशों, अंतरराष्ट्रीय संगठनों, वित्तीय संस्थानों, वैज्ञानिकों, प्राइवेट कंपनियों और आम जनता के संगठनों के साथ भी बातचीत को बढ़ावा देगा। इसका मुख्य मकसद ऐसे व्यावहारिक प्रोजेक्ट्स को जमीन पर उतारना है जिससे पर्यावरण, समाज और अर्थव्यवस्था तीनों को बड़ा फायदा मिल सके। आपको बता दें कि इस क्षेत्रीय गठबंधन की शुरुआत सऊदी अरब द्वारा ही की गई थी, जिसका मुख्य काम भूमि की गुणवत्ता सुधारना और सदस्य देशों के बीच आपसी सहयोग को बढ़ावा देना है।

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