मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और संघर्ष के कारण दुनिया भर में ऊर्जा निवेश यानी एनर्जी इन्वेस्टमेंट के तरीकों में भारी बदलाव आ रहा है। इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) की ताजा रिपोर्ट में यह सामने आया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से ऊर्जा सुरक्षा को लेकर चिंताएं काफी बढ़ गई हैं। इस संकट को देखते हुए संयुक्त अरब अमीरात (UAE) समेत कई बड़े देश अब नए व्यापारिक रास्तों और घरेलू ऊर्जा स्रोतों पर ध्यान दे रहे हैं ताकि आपूर्ति को सुरक्षित रखा जा सके।

ℹ: Saudi Arabia Hajj: सऊदी सरकार का बड़ा अपडेट, हज यात्रियों के बीच फूड प्वाइजनिंग का एक भी मामला नहीं आया सामने

क्या है IEA की नई रिपोर्ट और निवेश के नए आंकड़े?

इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) ने अपनी वार्षिक वर्ल्ड एनर्जी इन्वेस्टमेंट रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट के अनुसार, साल 2026 में वैश्विक ऊर्जा निवेश 3.4 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। आईईए के कार्यकारी निदेशक फातिह बिरोल ने बताया कि दुनिया इस समय सबसे बड़े ऊर्जा सुरक्षा संकट का सामना कर रही है, जिससे निवेश की प्राथमिकताओं में बड़ा बदलाव आ रहा है।

विभिन्न क्षेत्रों में होने वाले निवेश के आंकड़ों को नीचे दी गई तालिका में आसानी से समझा जा सकता है:

क्षेत्र (Sector) निवेश का अनुमान (2026)
कुल वैश्विक ऊर्जा निवेश 3.4 ट्रिलियन डॉलर
पावर ग्रिड, स्टोरेज और रिन्यूएबल एनर्जी 2.2 ट्रिलियन डॉलर
बिजली आपूर्ति और बुनियादी ढांचा 1.6 ट्रिलियन डॉलर (एंड-यूज़ के साथ 2 ट्रिलियन)
नेचुरल गैस (LNG प्रोजेक्ट्स) 330 अरब डॉलर (10 साल में सबसे ज्यादा)
कच्चा तेल (Oil Investment) 500 अरब डॉलर से कम (लगातार तीसरे साल गिरावट)

UAE का क्या है नया प्लान और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का संकट?

यूएई के डॉ. सुल्तान अल जाबेर ने जानकारी दी कि होर्मुज जलडमरूमध्य का बंद होना इतिहास में तेल की आपूर्ति का सबसे बड़ा संकट बन गया है। इसकी वजह से हर हफ्ते 10 करोड़ बैरल तेल की आपूर्ति प्रभावित हो रही है। इस समस्या से निपटने के लिए UAE अपनी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर तेजी से काम कर रहा है ताकि इस रास्ते के बिना भी तेल सुरक्षित भेजा जा सके। यूएई अपनी दूसरी बाईपास पाइपलाइन परियोजना को साल 2027 तक पूरा करने की तैयारी में है।

इसके साथ ही, यूएई ने अपनी ऊर्जा नीतियों को अधिक स्वतंत्र और लचीला बनाने के लिए 1 मई 2026 से ओपेक (OPEC) से अलग होने का फैसला किया है ताकि वह अपने घरेलू उत्पादन और निवेश को मजबूत कर सके।

दुनिया के अन्य देशों पर इसका क्या असर पड़ेगा?

मिडिल ईस्ट के इस संकट का असर सिर्फ खाड़ी देशों तक सीमित नहीं है। अमेरिका और कतर जैसे देश प्राकृतिक गैस (LNG) निर्यात में तेजी ला रहे हैं क्योंकि संकट के समय इसमें रूट बदलने की सुविधा होती है। दूसरी ओर, अफ्रीकी महाद्वीपीय मुक्त व्यापार क्षेत्र (AfCFTA) के महासचिव वामकेले मेने ने बताया कि इन संकटों के कारण अफ्रीका को बाहरी व्यापार पर निर्भरता कम करके एक एकीकृत बाजार बनाने की दिशा में काम करना होगा ताकि उनकी अर्थव्यवस्था सुरक्षित रह सके।

Frequently Asked Questions (FAQs)

2026 में वैश्विक ऊर्जा निवेश का कुल कितना अनुमान है?

IEA की रिपोर्ट के अनुसार, 2026 में कुल वैश्विक ऊर्जा निवेश 3.4 ट्रिलियन डॉलर रहने की उम्मीद है, जिसमें से लगभग 2.2 ट्रिलियन डॉलर पावर ग्रिड, स्टोरेज और नवीकरणीय ऊर्जा में जाएगा।

UAE ओपेक (OPEC) से कब अलग हुआ और उसका नया प्लान क्या है?

यूएई अपनी दीर्घकालिक रणनीतिक प्राथमिकताओं को पूरा करने और घरेलू ऊर्जा उत्पादन को बढ़ाने के लिए 1 मई 2026 को ओपेक से अलग हो गया। इसके अलावा, वह होर्मुज जलडमरूमध्य से बचने के लिए 2027 तक एक बाईपास पाइपलाइन का निर्माण कर रहा है।