मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण 40,000 वर्कर फंसे, सऊदी, दुबई और कुवैत जाने पर लगी रोक, ईरान-इसराइल जंग का असर
मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव और इसराइल-ईरान के बीच जारी युद्ध की वजह से रोज़गार के लिए विदेश जाने वालों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। फिलीपींस सरकार ने सुरक्षा कारणों और एयरस्पेस की पाबंदियों को देखते हुए सऊदी अरब, UAE, कुवैत और कतर जैसे देशों में अपने वर्कर भेजने पर फिलहाल रोक लगा दी है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक इस फैसले के बाद करीब 40,000 से ज़्यादा वर्कर मनीला में फंस गए हैं। फिलीपींस के प्रवासी श्रमिक विभाग (DMW) ने 6 अप्रैल 2026 को एडवाइजरी जारी कर भर्ती एजेंसियों को फिलहाल तैनाती रोकने का निर्देश दिया है।
किन देशों में जाने पर लगी है रोक और क्या है नियम?
फिलीपींस सरकार ने सुरक्षा के हिसाब से अलग-अलग देशों के लिए नियम तय किए हैं। मौजूदा हालात और उड़ानों की कमी की वजह से कई खाड़ी देशों में नए और पुराने दोनों तरह के कामगारों का जाना मुश्किल हो गया है। सरकार ने अलर्ट लेवल के आधार पर ये पाबंदियां लगाई हैं।
| देश का नाम | अलर्ट लेवल | प्रतिबंध की स्थिति |
|---|---|---|
| गाजा, सीरिया और यमन | CAL 4 | पूरी तरह से बैन |
| इराक और लेबनान | CAL 3 | नए और पुराने सभी वर्कर्स पर रोक |
| ईरान, इसराइल और वेस्ट बैंक | CAL 2 | नए वर्कर पर रोक, पुराने वर्कर की वापसी सीमित |
| सऊदी अरब, UAE, कुवैत, कतर और बहरीन | नॉर्मल | तनाव और फ्लाइट्स की कमी के कारण तैनाती रुकी |
| जॉर्डन | CAL 1 | आना-जाना सामान्य है |
जंग का प्रवासियों पर असर और सुरक्षा के ताज़ा हालात
ईरान और इसराइल के बीच 28 फरवरी 2026 से शुरू हुई इस जंग ने अब प्रवासियों की जान लेना भी शुरू कर दिया है। 7 अप्रैल को फिलीपींस सरकार ने पुष्टि की है कि इसराइल के हाइफा शहर में एक ईरानी मिसाइल हमले में एक फिलीपीनी महिला की जान चली गई है। यह इस युद्ध में दूसरी फिलीपीनी नागरिक की मौत है। इसके साथ ही होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जहाजों की आवाजाही पर भी असर पड़ा है।
- DMW और OWWA ने अब तक 4,000 से ज़्यादा प्रवासियों को वापस उनके देश पहुंचाया है।
- कतर से पिछले वीकेंड 88 लोगों को सुरक्षित वापस लाया गया है।
- ईरान ने फिलीपींस के जहाजों और नाविकों को सुरक्षित रास्ता देने का वादा किया है।
- सऊदी और कुवैत जैसे देशों में नई नौकरी के लिए जाने वाले लोग फिलहाल मनीला या अपने गांवों में रुके हुए हैं।
राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जो लोग इस संकट की वजह से फंसे हुए हैं या वापस आए हैं, उन्हें आर्थिक मदद और सुरक्षा दी जाए। प्रवासियों के लिए काम करने वाले जानकारों का कहना है कि फ्लाइट्स की कमी और एयरस्पेस बंद होने की वजह से हजारों लोगों के कॉन्ट्रैक्ट अधर में लटक गए हैं।




