मिडिल ईस्ट में कच्चे तेल की कीमतों ने अब तक के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। ताजा रिपोर्ट के अनुसार खाड़ी देशों का तेल दुनिया में सबसे महंगा हो गया है। पर्शियन गल्फ में सप्लाई रुकने की वजह से यह स्थिति पैदा हुई है। इससे आने वाले दिनों में पूरी दुनिया में पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में बड़ी बढ़ोत्तरी देखी जा सकती है। मिडिल ईस्ट से एशिया को होने वाले तेल एक्सपोर्ट में भी भारी गिरावट दर्ज की गई है।

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तेल की कीमतों और सप्लाई का ताजा डेटा क्या है?

पर्शियन गल्फ में तनाव और सप्लाई की दिक्कतों के कारण कच्चे तेल के भाव में भारी उछाल आया है। पिछले कुछ हफ्तों में कीमतों में जो बदलाव हुए हैं, उन्हें नीचे दी गई टेबल में आसानी से समझा जा सकता है।

आइटम ताजा कीमत/डेटा
Cash Dubai Value $153 प्रति बैरल
Cash Dubai Premium $56 प्रति बैरल
Oman Crude Premium $51 प्रति बैरल
Brent Crude $106 प्रति बैरल
Murban Futures $111.76 प्रति बैरल
एशिया को तेल सप्लाई 11.66 मिलियन बैरल प्रतिदिन

एक्सपर्ट्स का कहना है कि दुबई और ओमान जैसे बेंचमार्क में उतार-चढ़ाव की वजह से मार्केट में अनिश्चितता बनी हुई है। मार्च के महीने में एक्सपोर्ट वॉल्यूम में करीब 32 से 60 प्रतिशत तक की कमी आई है।

सप्लाई सुधारने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?

दुनियाभर में तेल की कमी को देखते हुए International Energy Agency (IEA) ने बड़ा फैसला लिया है। आईईए अपने इमरजेंसी स्टॉक से 400 मिलियन बैरल तेल बाजार में उतारेगी ताकि कीमतों को काबू किया जा सके। यह इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा फैसला है। इसके अलावा Saudi Aramco भी वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल कर रही है।

  • Saudi Aramco ने मिस्र के ऐन सोखना पोर्ट से तेल भेजने के लिए टेंडर जारी किए हैं।
  • मिडिल ईस्ट में करीब 7 से 10 मिलियन बैरल उत्पादन कम हुआ है।
  • कतर के ऊर्जा मंत्री ने चेतावनी दी है कि हालात नहीं सुधरे तो कीमतें और बढ़ेंगी।
  • मार्केट में तेल की कमी की वजह से कई रिफाइनरियों ने चिंता जताई है।

यूएस प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रम्प और ईरानी नेता मुज्तबा खामेनेई के बीच चल रहे क्षेत्रीय तनाव का सीधा असर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर पड़ा है। इसकी वजह से सप्लाई रूट ब्लॉक हो गया है और तेल की ढुलाई में समस्या आ रही है।