मिडिल ईस्ट में डेटा चोरी से भारी नुकसान, कंपनियों को एक बार में औसतन 8 मिलियन डॉलर का चूना

Sushma Kumari3 August 20262 min read54 viewsUAE
मिडिल ईस्ट में डेटा चोरी से भारी नुकसान, कंपनियों को एक बार में औसतन 8 मिलियन डॉलर का चूना

मिडिल ईस्ट में काम करने वाली कंपनियों के लिए साइबर सुरक्षा एक बड़ी चुनौती बन गई है। IBM की 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, यहाँ डेटा चोरी (data breach) की एक घटना पर औसतन 8 मिलियन डॉलर का नुकसान उठाना पड़ रहा है। इस तरह के हमलों में अब Artificial Intelligence (AI) का इस्तेमाल बढ़ गया है, जिससे कंपनियों के लिए अपनी जानकारी सुरक्षित रखना मुश्किल हो गया है।

AI का बढ़ता असर और कंपनियों का नुकसान

रिपोर्ट में बताया गया है कि 26 प्रतिशत हमले ऐसे थे जिनमें AI का सीधा इस्तेमाल हुआ। साथ ही 11 प्रतिशत मामलों में यह पता ही नहीं चल सका कि हमलावरों ने AI की मदद ली थी या नहीं। जो कंपनियां AI और ऑटोमेशन तकनीक का सही इस्तेमाल कर रही हैं, उन्हें उन कंपनियों के मुकाबले 3 मिलियन डॉलर तक का कम नुकसान हुआ जिन्होंने अभी तक इन तकनीकों को नहीं अपनाया है। हालांकि, हैरानी की बात यह है कि अभी भी 23 प्रतिशत कंपनियों ने इस आधुनिक सुरक्षा सिस्टम को लागू नहीं किया है।

सबसे ज्यादा नुकसान झेलने वाले सेक्टर

डेटा चोरी से होने वाला कुल नुकसान अलग-अलग स्तरों पर बँटा हुआ है, जिसमें सबसे बड़ा हिस्सा व्यापार ठप होने का है।

लागत का प्रकारऔसत नुकसान (USD)
व्यापार का नुकसान3.57 मिलियन
घटना के बाद का रिस्पॉन्स2.17 मिलियन
पहचान और जांच1.9 मिलियन
नोटिफिकेशन का खर्च360,000

IBM Middle East and Africa के जनरल मैनेजर Saad Toma ने बताया कि साइबर अपराधी अब AI का इस्तेमाल बहुत तेजी और सस्ते में हमले करने के लिए कर रहे हैं, जिससे कंपनियों के लिए सुरक्षा खर्च बढ़ रहा है। सबसे ज्यादा असर फाइनेंस और टेक्नोलॉजी सेक्टर पर पड़ा है, जहाँ नुकसान का आंकड़ा 10.67 मिलियन डॉलर तक पहुंच गया है। इसके बाद इंडस्ट्रियल सेक्टर का नंबर आता है, जहां नुकसान 9.6 मिलियन डॉलर रहा। कंपनियों को सलाह दी गई है कि वे आधुनिक सुरक्षा उपकरणों में निवेश बढ़ाएं ताकि भविष्य के खतरों से बचा जा सके।

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