मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध की वजह से तेल और गैस के उत्पादन पर बहुत बुरा असर पड़ा है। International Energy Agency (IEA) ने बताया कि उत्पादन को पहले जैसा होने में करीब दो साल का समय लग सकता है। इस संकट का सीधा असर दुनिया भर में ईंधन की कीमतों और हवाई यात्राओं पर पड़ने की संभावना है, जिससे आम आदमी की जेब पर बोझ बढ़ सकता है।

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एनर्जी प्रोडक्शन वापस आने में कितना समय लगेगा?

IEA के प्रमुख Fatih Birol ने बताया कि मिडिल ईस्ट में युद्ध के कारण जो नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई में लगभग दो साल लग सकते हैं। उन्होंने कहा कि अलग-अलग देशों में रिकवरी का समय अलग होगा, जैसे सऊदी अरब की तुलना में इराक में उत्पादन सामान्य होने में ज़्यादा समय लगेगा। इस क्षेत्र के करीब 80 एनर्जी प्लांट को नुकसान पहुँचा है, जिनमें से एक तिहाई प्लांट बहुत बुरी तरह खराब हो चुके हैं।

आम लोगों और प्रवासियों के लिए क्या चिंता है?

इस संकट का असर सिर्फ तेल तक सीमित नहीं है। IEA ने चेतावनी दी है कि अगर सप्लाई रुकी रही, तो यूरोप में अगले छह हफ्तों में जेट फ्यूल की कमी हो सकती है, जिससे फ्लाइट्स कैंसिल हो सकती हैं। जो भारतीय प्रवासी या यात्री अक्सर गल्फ और यूरोप के बीच यात्रा करते हैं, उन्हें टिकट महंगे होने या फ्लाइट देरी होने की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा, Strait of Hormuz के बंद रहने से तेल और खाद की कीमतें बढ़ सकती हैं, जिससे दुनिया भर में महंगाई बढ़ेगी।

तेल उत्पादन में आई कमी का पूरा हिसाब

महीना बंद हुआ उत्पादन (बैरल प्रतिदिन)
मार्च 2026 75 लाख
अप्रैल 2026 91 लाख
मई 2026 (अनुमानित) 67 लाख

IEA, IMF और वर्ल्ड बैंक ने मिलकर इस स्थिति पर नज़र रखने के लिए एक ग्रुप बनाया है। वे प्रभावित देशों को आर्थिक मदद और सलाह दे रहे हैं ताकि इस एनर्जी संकट से निपटा जा सके। Fatih Birol ने यह भी कहा कि ज़रूरत पड़ने पर इमरजेंसी तेल रिजर्व का इस्तेमाल किया जा सकता है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.