मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव की वजह से अब भारत में भी महंगाई का असर दिखने लगा है। सरकार ने रसोई गैस और अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस के लिए जेट फ्यूल की कीमतों में बढ़ोतरी की है। इससे आम लोगों और बिजनेस चलाने वालों पर दबाव बढ़ा है। सरकार ने घरेलू सप्लाई को बचाने के लिए कई नए नियम लागू किए हैं ताकि आम जनता को परेशानी न हो।

रसोई गैस के दाम और सप्लाई की क्या है स्थिति?

भारत अपनी ज़रूरत का लगभग 60 प्रतिशत एलपीजी आयात करता है। होर्मुज जलसंधि में रुकावट की वजह से सप्लाई चेन पर बुरा असर पड़ा है। 1 मई 2026 को कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 993 रुपये की बड़ी बढ़ोतरी हुई है, जिससे दिल्ली में इसकी कीमत 3,071.50 रुपये हो गई है। हालांकि, सरकार ने घरेलू सिलेंडरों की कीमत 913 रुपये पर स्थिर रखी है।

  • नया नियम: पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने नेचुरल गैस सप्लाई रेगुलेशन ऑर्डर 2026 लागू किया है।
  • प्राथमिकता: घरेलू गैस सिलेंडर की सप्लाई को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।
  • पाबंदी: नए एलपीजी कनेक्शन जारी करने पर फिलहाल अस्थायी रोक लगाई गई है।
  • सुरक्षा: फर्जी बुकिंग और चोरी रोकने के लिए अब ओटीपी आधारित डिलीवरी अनिवार्य की जा रही है।

हवाई ईंधन और पेट्रोल-डीज़ल की कीमतों का हाल

इंटरनेशनल मार्केट में जेट फ्यूल (ATF) की कीमतों में 100 प्रतिशत से ज़्यादा का उछाल आया है। सरकार ने घरेलू उड़ानों के लिए इस बढ़ोतरी को 25 प्रतिशत तक सीमित कर दिया है ताकि किरायों में बहुत ज़्यादा इजाफा न हो। लेकिन अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस के लिए कीमतें 5.33 प्रतिशत बढ़ गई हैं। पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों को अब तक स्थिर रखा गया है, लेकिन प्रीमियम पेट्रोल के दाम थोड़े बढ़े हैं।

आइटम बदलाव / स्थिति वर्तमान दाम (दिल्ली)
कमर्शियल एलपीजी ₹993 की वृद्धि ₹3,071.50
घरेलू एलपीजी स्थिर ₹913
इंटरनेशनल ATF 5.33% वृद्धि $1,511.86 प्रति किलोलीटर
घरेलू ATF 25% तक सीमित वृद्धि चरणबद्ध बढ़ोतरी
पेट्रोल स्थिर ₹94.72 – 94.77
डीज़ल स्थिर ₹87.62 – 87.67
प्रीमियम पेट्रोल ₹2.09 – 2.35 की वृद्धि बढ़ा हुआ दाम

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या घरेलू गैस सिलेंडर महंगा होगा?

नहीं, सरकार ने घरेलू एलपीजी की कीमतों को अब तक स्थिर रखा है और दिल्ली में यह 913 रुपये पर है। घरेलू सप्लाई को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है ताकि आम लोगों को राहत मिले।

क्या फ्लाइट टिकट के दाम बढ़ेंगे?

अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट्स महंगी हो सकती हैं क्योंकि अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस के लिए ईंधन की कीमतें बढ़ी हैं। घरेलू उड़ानों के लिए सरकार ने ईंधन की बढ़ोतरी को 25 प्रतिशत तक सीमित रखा है, इसलिए बहुत ज़्यादा वृद्धि की उम्मीद नहीं है।