मिडल ईस्ट में चल रहे तनाव का असर अब दुनिया भर की हवाई यात्राओं पर दिखने लगा है। European Aviation Agency ने जानकारी दी है कि इस स्थिति की वजह से हवाई जहाजों के ईंधन यानी जेट फ्यूल की सप्लाई पर बुरा असर पड़ा है। इस वजह से आने वाले समय में फ्लाइट्स के संचालन और उनके खर्चों पर असर पड़ सकता है।
जेट फ्यूल की सप्लाई पर क्या असर हुआ है?
European Aviation Agency के मुताबिक मिडल ईस्ट के हालात खराब होने से ईंधन की सप्लाई चेन में दिक्कतें आ रही हैं। जेट फ्यूल की सप्लाई प्रभावित होने से एयरलाइंस को अपनी उड़ानों के मैनेजमेंट और ईंधन की उपलब्धता को लेकर चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।
आम यात्रियों और प्रवासियों पर क्या होगा प्रभाव?
जब ईंधन की सप्लाई कम होती है, तो अक्सर हवाई टिकटों के दाम बढ़ जाते हैं। जो प्रवासी या यात्री अक्सर भारत और गल्फ देशों के बीच सफर करते हैं, उन्हें आने वाले समय में फ्लाइट की कीमतों में बढ़ोतरी या शेड्यूल में बदलाव देखने को मिल सकता है।