16 मार्च 2026 के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार मिडिल ईस्ट में इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा विवाद बेहद गंभीर हो चुका है। इस युद्ध में अब तक 2,300 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। हाल ही में Dubai International Airport के पास एक ईंधन टैंक पर ईरानी ड्रोन से हमला हुआ, जिससे वहां आग लग गई। हालांकि दुबई सिविल डिफेंस ने इस आग पर काबू पा लिया है और किसी के घायल होने की खबर नहीं है। इन हमलों और तनाव का सीधा असर गल्फ देशों में काम करने वाले प्रवासियों और दुनिया भर की अर्थव्यस्था पर पड़ने लगा है।

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किस देश में कितनी हुई मौतें और क्या है ताज़ा स्थिति?

रेड क्रिसेंट और क्षेत्रीय स्वास्थ्य मंत्रालयों की रिपोर्ट के मुताबिक इस युद्ध में आम नागरिकों को भारी नुकसान हुआ है। नीचे दिए गए आंकड़ों से स्पष्ट होता है कि किन देशों में सबसे ज्यादा तबाही मची है:

  • ईरान: 1,332 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है, जिनमें करीब 300 बच्चे शामिल हैं। इसके अलावा 42,000 नागरिक ठिकानों को नुकसान पहुंचा है।
  • लेबनान: लगातार हो रहे हमलों में 850 से ज्यादा लोगों की जान गई है।
  • अमेरिका: कुल 13 सर्विस मेंबर्स की मौत हुई है, जिनमें 7 एक्शन के दौरान और 6 इराक के ऊपर विमान दुर्घटना में मारे गए।
  • इजरायल: मिसाइल हमलों की वजह से 12 लोगों की मौत हुई है।
  • इराक और गल्फ देश: प्रवासी मजदूरों और सुरक्षाकर्मियों को मिलाकर 50 से ज्यादा लोगों की जान गई है।

इसके अलावा इजरायली एयरफोर्स (IAF) ने ईरान में बैलिस्टिक मिसाइल साइट और एयर डिफेंस सहित 200 से ज्यादा ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की है। वहीं बगदाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उस परिसर में भी रॉकेट और ड्रोन से हमला हुआ है जहां अमेरिकी राजनयिक सुविधा मौजूद है। इस हमले में पांच लोग घायल हुए हैं।

दुनिया और गल्फ में रहने वालों पर इसका क्या असर पड़ेगा?

गल्फ देशों में काम करने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए यह स्थिति चिंता का विषय बनी हुई है। Strait of Hormuz बंद होने के कारण दुनिया भर में तेल की सप्लाई बाधित हो गई है। अमेरिका ने इस जलमार्ग को सुरक्षित करने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय नौसेना गठबंधन बनाने की मांग की है। वहीं तेल के इस बड़े संकट को देखते हुए International Energy Agency (IEA) ने ग्लोबल मार्केट को स्थिर रखने के लिए 400 मिलियन बैरल आपातकालीन तेल रिजर्व जारी करने का बड़ा फैसला लिया है।

तेल की कमी के कारण श्रीलंका जैसे देशों में पेट्रोल-डीजल की राशनिंग के लिए QR code सिस्टम लागू कर दिया गया है। दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि वह अभी कोई समझौता करने के लिए तैयार नहीं हैं। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भी साफ किया है कि तेहरान ने युद्धविराम की मांग नहीं की है और वह अपना बचाव जारी रखेगा। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अपनी मौत की अफवाहों को खारिज करते हुए कहा है कि वह पूरी तरह ठीक हैं और इजरायली लोग इस मुश्किल समय में डटे हुए हैं।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.