मिडिल ईस्ट में चल रही जंग का असर अब दुनिया भर की जेब पर पड़ने वाला है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF), अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) और वर्ल्ड बैंक ने एक साझा बयान जारी कर इसके गंभीर आर्थिक परिणामों की चेतावनी दी है। इन संस्थाओं का कहना है कि इस युद्ध की वजह से ऊर्जा बाजार और आम लोगों की आजीविका पर बुरा असर पड़ा है। इससे आने वाले दिनों में महंगाई बढ़ने की पूरी संभावना है और कई देशों की अर्थव्यवस्था डगमगा सकती है।

ऊर्जा और खाने-पीने की चीजों पर क्या असर होगा?

युद्ध की वजह से दुनिया भर में तेल, गैस और खाद की कीमतों में तेजी आई है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह ऊर्जा बाजार के इतिहास में सप्लाई की सबसे बड़ी कमी में से एक है। इसकी वजह से न सिर्फ पेट्रोल-डीजल बल्कि खेती से जुड़ी चीजों के दाम भी बढ़ रहे हैं। इसका सबसे ज्यादा नुकसान उन देशों को होगा जो अपनी जरूरत का तेल बाहर से मंगवाते हैं।

  • तेल और गैस की अंतरराष्ट्रीय सप्लाई में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है
  • खेती के लिए जरूरी खाद (Fertilizers) की कीमतें आसमान छू रही हैं
  • सप्लाई चेन खराब होने से खाने-पीने की चीजों के महंगा होने का डर है
  • एल्युमीनियम और हीलियम जैसी जरूरी चीजों की उपलब्धता कम हुई है
  • खाड़ी देशों में हवाई उड़ानें प्रभावित होने से टूरिज्म सेक्टर पर बुरा असर पड़ा है

राहत के लिए वैश्विक संस्थाओं ने क्या फैसला लिया है?

IMF, IEA और वर्ल्ड बैंक ने मिलकर एक नया कोऑर्डिनेशन ग्रुप बनाया है। यह ग्रुप इस बात का बारीकी से आकलन करेगा कि किस देश पर इस आर्थिक संकट का कितना बुरा असर पड़ा है। यह टीम ऊर्जा बाजार, कीमतों और व्यापार से जुड़ा डेटा आपस में शेयर करेगी और प्रभावित देशों को जरूरी सलाह देगी।

मुख्य कदम उद्देश्य
नया कोऑर्डिनेशन ग्रुप आर्थिक प्रभाव का सटीक आकलन करना
डाटा शेयरिंग बाजार की कीमतों और सप्लाई पर नजर रखना
वित्तीय सहायता कम आय वाले देशों को फंड और कर्ज देना
नीतिगत सलाह देशों को मंदी से बचाने के उपाय बताना

संस्थाओं ने आगाह किया है कि मुद्राओं में कमजोरी और महंगाई की चिंताओं से वैश्विक विकास दर धीमी हो सकती है। वे दुनिया भर में आर्थिक स्थिरता बनाए रखने और प्रभावित देशों में रोजगार के अवसर बचाने के लिए मिलकर काम करने का वादा कर रहे हैं। इस स्थिति का सीधा असर खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और वहां से भारत आने वाले लोगों पर भी पड़ सकता है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com