मिडिल ईस्ट जंग का यूरोप पर बड़ा असर, हॉर्मुज जलडमरूमध्य के कारण बढ़ सकती हैं तेल और गैस की कीमतें
यूरोप के आर्थिक कमिश्नर Valdis Dombrovskis ने 27 मार्च 2026 को बड़ी चेतावनी जारी की है। उन्होंने कहा कि मिडिल ईस्ट में जारी जंग अब सीधे तौर पर यूरोप की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा रही है। Strait of Hormuz के रास्ते में आ रही रुकावटों और ऊर्जा के बुनियादी ढांचे पर हमलों की वजह से गैस और तेल की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं। इसका सीधा असर आम लोगों के खर्च और महंगाई पर पड़ता दिख रहा है।
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अर्थव्यवस्था और महंगाई पर किस तरह का असर होगा?
यूरोपीय अधिकारियों का मानना है कि मिडिल ईस्ट के हालात के कारण 2026 में आर्थिक विकास की रफ्तार धीमी हो सकती है। Brent Crude के दाम पिछले दो हफ्तों से 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बने हुए हैं। अगर सप्लाई में रुकावट जारी रही, तो महंगाई और ज्यादा बढ़ सकती है और विकास दर में गिरावट आएगी। Ursula von der Leyen ने बताया कि जंग शुरू होने के बाद से गैस की कीमतों में 50 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी देखी गई है।
| वस्तु | कीमतों में बढ़ोतरी |
|---|---|
| तेल (Oil) | 27% से ज्यादा |
| गैस (Gas) | 30% से 50% तक |
| Brent Crude | $100 प्रति बैरल से ऊपर |
ऊर्जा संकट को रोकने के लिए क्या तैयारी है?
यूरोपीय देशों ने ऊर्जा संकट से निपटने के लिए कई बड़े कदम उठाने की योजना बनाई है। इनमें बिजली पर टैक्स कम करना और ग्रिड सिस्टम को बेहतर बनाना शामिल है। फ्रांस, जर्मनी, इटली और ब्रिटेन जैसे देशों ने मिलकर एक बयान जारी किया है जिसमें Strait of Hormuz को खुला रखने की मांग की गई है। इसके साथ ही समुद्र में जहाजों की सुरक्षा के लिए नौसैनिक मिशन को बढ़ाने पर भी विचार किया जा रहा है।
- यूरोपीय आयोग ऊर्जा कीमतों को नियंत्रित करने के लिए नए उपाय लाएगा।
- Strait of Hormuz में जहाजों की सुरक्षा के लिए खास मिशन शुरू हो सकता है।
- कतर के गैस इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों के बाद कीमतों में 30 प्रतिशत की तेजी आई है।
- जंग के पहले 10 दिनों में ही यूरोप को 3 अरब यूरो का अतिरिक्त बोझ उठाना पड़ा।



