मिडिल ईस्ट और सऊदी अरब में इस साल का मौसम पूरी तरह से बदलने वाला है। आधिकारिक मौसम रिपोर्ट और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी चेतावनियों के अनुसार, एल नीनो प्रभाव के कारण इस बार पतझड़ और सर्दियों के मौसम में रिकॉर्ड तोड़ भारी बारिश देखने को मिल सकती है। सऊदी न्यूज के आधिकारिक हैंडल से जारी जानकारी के मुताबिक, इस बदलाव के चलते आम लोगों और खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों को अभी से सतर्क रहने की जरूरत है।

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क्या है एल नीनो और सऊदी अरब पर इसका क्या असर होगा?

एल नीनो एक प्राकृतिक मौसमी घटना है जो समुद्र के तापमान में बदलाव के कारण पैदा होती है। इसके कारण पूरी दुनिया के मौसम पर असर पड़ता है। सऊदी अरब के राष्ट्रीय मौसम विज्ञान केंद्र और क्षेत्रीय जलवायु परिवर्तन केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार इसका सीधा असर खाड़ी देशों पर पड़ेगा।

  • सऊदी अरब में बाढ़ का खतरा: पश्चिमी सऊदी अरब में इस साल सितंबर, अक्टूबर और नवंबर के दौरान भारी बारिश और बाढ़ का खतरा काफी बढ़ गया है।
  • लंबा चलेगा बारिश का सीजन: अक्टूबर 2026 से लेकर मई 2027 तक चलने वाले बारिश के पूरे सीजन में सऊदी अरब के कई हिस्सों में लगातार तेज बारिश देखने को मिल सकती है।
  • तापमान में भारी बदलाव: इस बार सामान्य तापमान से अलग मौसम में ठंडक जल्दी आने की संभावना जताई गई है।

मौसम वैज्ञानिकों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने क्या चेतावनी जारी की है?

विश्व मौसम विज्ञान संगठन ने बताया है कि जून से अगस्त 2026 के बीच एल नीनो के सक्रिय होने की संभावना 80 प्रतिशत है, जो नवंबर तक बढ़कर 90 प्रतिशत से ज्यादा हो जाएगी। इसके असर से मौसम में बड़े बदलाव होना तय माना जा रहा है।

मौसम विशेषज्ञ डॉ. अली कुतुब ने बताया कि एल नीनो आमतौर पर वसंत के मौसम के बाद बनना शुरू होता है और यह 6 से 9 महीनों तक एक्टिव रहता है। इसके साथ ही मौसम विज्ञानी आरास जब्बार का कहना है कि इस बार का पतझड़ सामान्य से बहुत अलग होगा, जिसमें ज्यादा ठंडक के साथ भारी बारिश का दौर देखने को मिलेगा। संयुक्त राष्ट्र और विश्व मौसम विज्ञान संगठन ने सभी देशों से अपील की है कि वे इस मौसमी बदलाव से निपटने के लिए अपनी तैयारियां तेज कर लें ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटा जा सके।

Frequently Asked Questions (FAQs)

एल नीनो का असर सऊदी अरब में कब से शुरू होगा?

मौसम विभाग के अनुसार, इसका असर मुख्य रूप से सितंबर 2026 से शुरू होकर मई 2027 तक जारी रहेगा, जिसमें पश्चिमी सऊदी में भारी बारिश की आशंका है।

क्या खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों पर इसका असर पड़ेगा?

हाँ, भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण रोजाना के कामकाज और उड़ानों पर असर पड़ सकता है, इसलिए प्रवासियों को मौसम की चेतावनी का ध्यान रखने की सलाह दी गई है।